श्रीनगर: कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में CRPF की बटालियन पर हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली है। 16 जून को श्रीनगर के पांथा चौक पर CRPF की 29वीं बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस पर हमला हुआ था। जम्मू-कश्मीर में हुआ यह तीसरा ऐसा हमला है जिसकी जिम्मेदारी इस अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन ने ली है। आपको बता दें कि 16 जून को ईद की नमाज के बाद एक आतंकी ने दोपहर करीब सवा एक बजे पांथा चौक पर तैनात सीआरएफ की 29वीं बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी।
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इस आतंकी हमले में CRPF का एक जवान घायल हो गया था। आपको बता दें कि 16 जून को कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में पत्थरबाजी भी की गई थी और सुरक्षाबलों को स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए आंसूगैस के गोले तक छोड़ने पड़े थे। अनंतनाग जिले में ईद की नमाज के बाद सुरक्षाबलों के साथ झड़प में घायल हुए एक युवक शेराज अहमद की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी जबकि सफाकदल इलाके में भी एक शख्स संघर्ष में जख्मी हुआ है। इन हमलों के दौरान पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट के झंडे भी लहराए गए थे।
इससे पहले इस्लामिक स्टेट ने नवंबर 2017 में श्रीनगर के जाकुरा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में सब-इंस्पेक्टर इमरान टाक शहीद हो गए थे। इसके अलावा फरवरी 2018 में भी बडगाम पोस्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकी संगठन द्वारा ली गई थी। इस हमले में सीनियर कॉन्स्टेबल शमीर अहमद शहीद हो गए थे। जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के बढ़ते कदम निश्चित तौर पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय हैं।