रांची: रघुवरदास सरकार की अधिवास नीति के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा शनिवार को आहूत बंद के दौरान प्र्दशनकारियों ने एक ट्रक पर पेट्रोल बम फेंका, जिससे दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने अब तक 200 पार्टी समर्थकों को गिरफ्तार किया है।
इस बंद के कारण प्रदेश भर में जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। रांची, जमशेदपुर, गुमला और राज्य के कई हिस्सों में दुकानें बंद हैं। लंबी दूरी की बसें भी नहीं चल रही हैं। जेएमएम के कार्यकताओं और समर्थकों ने रांची, जमशेदपुर और अन्य स्थानों पर टायर जलाए।
रांची-जमशेदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कराने के दौरान बंद समर्थकों ने ट्रकों पर पेट्रोल बम फेंके, जिसमें दो लोग घायल हो गए। समर्थकों ने इसके अलावा स्टाफ बस पर भी पत्थर फेंके। बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर रेल सेवा रोकने की भी कोशिश की।
एहतियाती उपाय के तौर पर जेएमएम के दो विधायकों को हिरासत में ले लिया गया है। प्रदेश भर में 200 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। बंद के मद्देनजर सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं।
रांची में पुलिस प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस बंद का समर्थन किया है। बाबूलाल मरांडी के झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) ने भी बंद का समर्थन किया है।
सरकार ने अप्रैल में राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिवास नीति को अधिसूचित किया था। मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा अप्रैल में घोषित की गई अधिसूचित नीति के मुताबिक, राज्य में जो भी 30 सालों से रह रहा है और उसके पास अचल संपत्ति है, तो वह झारखंड का निवासी माना जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इस अधिवास नीति का विरोध किया है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अर्जुन मुंडा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के हेमंत सोरेन, झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा शामिल हैं।