नई दिल्ली: शराब कंपनी यूनाइटेड स्प्रिट्स ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी के बाद चार कारखानों के बंद होने से 500 से अधिक कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। कंपनी ने अल्कोहल के दुरूपयोग को लेकर प्रतिबंध को अप्रभावी कदम करार देते हुए राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि इस प्रकार के मनमाने फैसले से जिम्मेदार कंपनियां निष्पक्ष कारोबार करने से वंचित हुई हैं।
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यूनाइटेड स्प्रिट्स की मुख्य रणनीतिकार और कंपनी मामलों के अधिकारी अबंती शंकरनारायणन ने कहा, शराबबंदी के बाद हमने बिहार में उत्पाद बंद कर दिया। इससे सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गये।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 5 अप्रैल को नीतीश कुमार सरकार ने तत्काल प्रभाव से अल्कोहल की बिक्री और खपत पर रोक लगा दी। इसमें भारत में निर्मित विदेशी शराब शामिल हैं।
उन्होंने कहा यूएसएल के शराब बनाने के चार कारखाने थे। ये कारखाने हाथीदह, सालसोन और आरा में स्थित है। इससे 500 से अधिक लोगों को रोजगार गंवाना पड़ा है।
अबंती ने कहा कि इसमें ट्रक, खुदरा और पैकेजिंग जैसे उद्योग से जुड़े कर्मचारी शामिल नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से कंपनी की आय में पिछले नौ महीने में 5 प्रतिशत की कमी आयी है।