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नितिन गडकरी EXCLUSIVE: देश, किसान और गरीबों के हित वाले मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 02, 2021 11:14 am IST,  Updated : Feb 02, 2021 11:29 am IST

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश के कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिनका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित, किसान हित और गरीबों के हित वाले मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

नितिन गडकरी EXCLUSIVE: देश, किसान और गरीबों के हित वाले मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए- India TV Hindi
नितिन गडकरी EXCLUSIVE: देश, किसान और गरीबों के हित वाले मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश के कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिनका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित, किसान हित और गरीबों के हित वाले मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। नितिन गडकरी ने इंडिया टीवी बजट सम्मेलन में किसान आंदोलन से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए ये बातें कही। 

एमएसपी रद्द नहीं होनेवाली 

नितिन गडकरी ने कहा कि हम देश के किसानों को बताना चाहते हैं कि एमएसपी रद्द नहीं होनेवाली है। हमने स्वामीनाथ की रिपोर्ट लागू की है। साढ़े तीन लाख करोड़ मार्केट प्राइस और एमएसपी के अंतर पर किसानों पर खर्च किया है। क्या यह किसी उद्य़ोगपति के लिए है? एक लाख करोड़ एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए दिया।क्या यह किसी उद्य़ोगपति के लिए है?नितिन गडकरी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार किसानों के विरोध में नहीं है। 

हम किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहते हैं
लाल किले पर हिंसा और मुकदमों को लेकर उन्होंने कहा-'अगर कोई कानून तोड़ता है तो पुलिस केस करती है। इसपर झगड़ा नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने जो समाधान दिया था उसे भी नहीं मानेंगे? ये लोकतंत्र में कहां तक उचित है? हम किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, सुखी संपन्न करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दल राजनीति करें, लेकिन इस तरह से गुमराह करना अच्छा नहीं है।

किसानों के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की एंट्री
किसानों के आंदोलन में कुछ एंटी सोशल एलिमेंट घुस गए हैं। लाल किले पर जो कुछ भी हुआ उससे किसान संगठनों का भी नुकसान हुआ है। किसान संगठनों के प्रति लोगों की सहानुभूति कम हुई है। किसान संगठनों को भी एंटी सोशल एलिमेंट से बचकर रहना चाहिए नहीं तो इससे आंदोलन बदनाम हो जाएगा। किसान ऐसे षडयंत्रकारियों से सावधान रहें। एंटी सोशल एलिमेंट किसानों के आंदोलन का सहारा लेकर देश को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

वहीं संजय राउत से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि संजय राउत सदन में आकर किसानों के मुद्दे पर सुझाव दें। कृषि मंत्री जरूर इन सुझावों पर विचार करेंगे। 

पश्चिम बंगाल में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण
अटल जी ने कहा था कि विचारों का मुकाबला विचारों से होता है। अगर हमारा विचार सही है तो लोग समर्थन करेंगे। अगर नहीं है तो हमारे विरोधी को आलोचना का अधिकार है। इसलिए इसमें हिंसा का सवाल ही नहीं उठता है। जनता को फैसला करने का अधिकार है। पश्चिम बंगाल में जो भी हिंसा हो रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। काम का क्रेडिट लेने से जुड़े सवाल पर नितिन गडकरी ने कहा-' हम ममता जी से पूछना चाहते हैं कि हमने कौन से उनके काम का क्रेडिट लिया है.. वो एक काम तो बताएं।'

अमेरिका, जापान जैसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होंगे
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में अगले पांच वर्षों में अमेरिका, जर्मनी, जापान जैसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि पीएम ने ग्लोबल इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। हमारा ट्रांसपैरेंट काम है, कोई करप्शन का आरोप लगा नहीं सकता है.. रेलवे.. एयरपोर्ट.. पावरलाइन सबको मोनोटाइज कर रहे हैं। अगले 5 साल में अमेरिका, जर्मनी, जापान जैसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएंगे।

स्क्रैप पॉलिसी: हमने एमिनशन नॉर्म बदले, टेक्नोलॉजी बदली
स्क्रैप पॉलिसी पर नितिन गडकरी ने कहा कि इस नई पॉलिसी लागू होने के बाद से पेट्रोल-डीजल कम लगेगा, प्रदूषण कम होगा। एक ट्रक अगर 15 या 20 साल पुराना है तो उसे मरम्मत के लिए बार-बार जाना पड़ता है, इससे वाहनों का एवरेज कम होता है, पिकअप कम होता है। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी से ट्रांसपोर्ट की कमाई बढ़ने के साथ प्रदूषण कम होगा, इससे नए रोजगार बनेंगे, 5 साल में देश दुनिया की नंबर एक ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब बनेंगे।

नितिन गडकरी ने कहा कि जो गाड़ियां स्क्रैप होंगी उससे कॉपर, एल्यूमीनियम, प्लास्टिक स्टील रीसाइकल होगा और ऑटो उपकरण सस्ते होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में एक्सपोर्ट बढ़ेगा, यह साढ़े चार लाख करोड़ की इंडस्ट्री है। सबसे ज्यादा रोजगार इसने देश को दिया है।आनेवाले समय में 30 प्रतिशत सेल बढ़ेगी और इंडस्ट्री 6 लाख करोड़ रुपए के पार जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे देश की इकोनॉमी ग्रोथ को फायदा होगा। जीडीपी में 7 प्रतिशत योगदान ऑटोमाबाइल इंडस्ट्री का है, यह पॉलिसी देश के हित में है, फ्यूल इंपोर्ट में कमी आएगी, यह पॉलिसी पूरी तरह से देश के हित में है। 

 

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