पुणे: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के चेयरमैन डॉ साइरस पूनावाला ने शुक्रवार को कहा कि वह कोरोना वायरस के 2 अलग-अलग टीकों की खुराक देने के पक्ष में नहीं हैं। Covishield का उत्पादन करने वाले SII के प्रमुख पूनावाला ने पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद रिपोर्टर्स के सवालों के जवाब देते हुए कहा, ‘मैं दो अलग-अलग टीकों को मिलाने के विरुद्ध हूं। दो भिन्न टीकों को मिलाने की कोई जरूरत नहीं है।’ बता दें कि एक स्टडी में कहा गया था कि दोनों टीकों की एक-एक खुराक लगवाने से प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो जाती है।
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पूनावाला ने दो अलग-अलग टीकों के मिश्रण के पक्ष में न होने की बाद तक कही जब उनसे एक ही व्यक्ति को कोविशील्ड और कोवैक्सीन की दो अलग-अलग खुराक देने से रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर होने की धारणा के संबंध में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (ICMR) के एक अध्ययन के बारे में पूछा गया था। पूनावाला ने कहा, ‘अगर कॉकटेल टीके लगाए जाते हैं और परिणाम अच्छे नहीं आते तो SII कह सकता है कि दूसरा टीका सही नहीं था। इसी तरह दूसरी कंपनी कह सकती है कि आपने सीरम के टीके को मिला दिया इसलिए अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।’
पूनावाला ने कहा कि हजारों प्रतिभागियों के बीच परीक्षण में इस संबंध में प्रभाव साबित नहीं हुए हैं। आईसीएमआर ने एक अध्ययन में कहा कि दोनों टीकों की एक-एक खुराक लगवाने से प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो जाती है। इसमें 98 लोगों को शामिल किया गया था जिनमें उत्तर प्रदेश के 18 वो लोग भी थे जिन्होंने पहली खुराक कोविशील्ड की लगवाई थी और अनजाने में दूसरी खुराक उन्हें कोवैक्सीन की लगा दी गई। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि देश में अब तक दी गई कोविड-19 टीकों की कुल खुराक 52.89 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। शाम 7 बजे की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को 50 लाख से अधिक (50,77,491) खुराक दी गई थी।