नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को अवमानना नोटिस जारी किया। कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस सी.एस. कर्नन को यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया। जस्टिस कर्नन को यह नोटिस मद्रास उच्च न्यायालय के अपने समकक्ष और अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ लगातार आरोप लगाए जाने को लेकर भेजा गया है।
जस्टिस कर्नन ने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कई जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे अवमानना मानकर सुनवाई करने का फैसला किया है।
जस्टिस सीएस कर्नन पहले मद्रास हाई कोर्ट में ही पदस्थापित थे। वहां उन्होंने जस्टिस संजय कॉल पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। जब सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस करनन का तबादला कोलकाता किया तो उन्होंने उस फैसले पर ही रोक लगा कर अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी। हालांकि बाद में माफी मांगते हुए वे कोलकाता चले गए।
आम तौर पर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों से प्रस्ताव पारित कराना पड़ता है। इसके लिए दोनों सदनों से दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होना जरूरी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले खुद ही सुनवाई का फैसला किया है।