लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने बुलन्दशहर में मां-बेटी से सामूहिक दरिंदगी के मामले में मुस्तैदी भरी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सोमवार को सराहना की, लेकिन कहा कि ऐसी वारदात रोकने के लिए पुलिस और सरकार को अपना कर्तव्य निभाना होगा। राज्यपाल ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में बुलन्दशहर की घटना का जिक्र होने पर कहा इस घटना में मुख्यमंत्री ने जो तुरन्त निर्णय किया, वह सराहनीय है।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को मौके पर भेजा वह अभिनन्दनीय है। उन्होंने यह भी कहा यह कोई पहली घटना नहीं है। जगह-जगह ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सबको सुरक्षा देने का काम करने की आवश्यकता है। ऐसी घटनाएं ना हो, उसके लिये पुलिस और सरकार का जो कर्तव्य है, उसे निभाने का काम भी हमें करना होगा। मालूम हो कि राज्यपाल नाईक पूर्व में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठाते रहे हैं।
बुलन्दशहर में गत शुक्रवार की रात एक झकझोरने वाली वारदात में डाकुओं के एक समूह ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक कार सवार परिवार को देहात कोतवाली क्षेत्र में रोका और एक महिला तथा उसकी 13 वर्षीय बेटी को घसीटकर पास के खेत में ले गए और उनसे सामूहिक दरिंदगी की। लुटेरों ने कार सवार लोगों से नकदी, गहने और मोबाइल फोन भी लूट लिए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वारदात को बेहद गम्भीरता से लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा और पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को मौके पर भेजकर पुलिस को मामले के खुलासे के लिए 24 घंटे की मोहलत दी थी और लापरवाही के आरोप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस अधीक्षक राम मोहन सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया था।