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यमुना किनारे सब्जियों में खतरनाक है धातुओं का स्तर, सेवन करने पर कैंसर का डर

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 28, 2019 01:50 pm IST,  Updated : Jul 28, 2019 01:50 pm IST

सब्जियों में धातुओं के खतरनाक स्तर की वजह से लंबे समय तक इनका सेवन करने पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

Vegetables in Delhi markets contain toxic metals, tells study | Pixabay Representational - India TV Hindi
Vegetables in Delhi markets contain toxic metals, tells study | Pixabay Representational 

नई दिल्ली: यमुना नदी के किनारे खेतों में उगाई जा रहीं सब्जियों में धातुओं का खतरनाक स्तर पाया गया हैं। सब्जियों में धातुओं के खतरनाक स्तर की वजह से लंबे समय तक इनका सेवन करने पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) के अध्ययन के मुताबिक, 7 तरह की सब्जियों गोभी, फूल गोभी, मूली, बैंगन, धनिया, मेथी और पालक में धातु की सांद्रता की स्थिति का पता लगाने के लिए पूर्वी दिल्ली के 3 स्थानों से नमूने एकत्र किए गए। 

इन इलाकों से लिए गए थे सब्जियों के नमूने

सब्जियों के नमूने उस्मानपुर खादर, गीता कॉलोनी और मयूर विहार से लिए गए तथा उनमें सीसा, निकल, कैडमियम और मर्करी जैसी धातुओं की मौजूदगी का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में गीता कॉलोनी से एकत्र किए गए धनिए में अधिकतम सीसा पाया गया। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, सब्जियों में सीसा की सुरक्षित सीमा 2.5 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है। यमुना के मैदानी भाग से एकत्र की गई सब्जियों में सीसे का स्तर 2.8 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम से 13.8 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है। 

मानव शरीर में पैदा हो सकती हैं कई दिक्कतें
राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों पर किए गए NEERI के अध्ययन में कहा गया है, ‘भारी धातुओं की मौजूदगी वाले खाद्य पदार्थ लंबे समय तक खाने से मानव शरीर में कई जैविक और जैव रासायनिक प्रक्रियाएं बाधित हो सकती हैं। भारी धातुओं की विषाक्तता ऊर्जा का स्तर कम कर सकती है और मस्तिष्क, फेफड़े, किडनी और यकृत के संचालन को नष्ट कर सकती है। यह खून बनने की प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी नष्ट कर सकते हैं। लंबे समय तक ये मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से कैंसर भी हो सकता है।’ 

जानें, क्या कहा NEERI ने
रिपोर्ट में कहा गया कि कैडियम, मर्करी और निकल जैसी अन्य धातुएं FSSAI के मानकों से कम पाई गई। नीरी ने कहा, ‘इस अध्ययन में ज्यादातर सब्जियों में केवल सीसे की मात्रा FSSAI के मानकों से अधिक पाई गई इसलिए हमें यह पता करने की जरुरत है कि सब्जियों में कहां से सीसा मिल रहा है। सीसे के संभावित स्रोत ऑटोमोबाइल, बैटरी, पेंट, पॉलिथीन, कीटनाशक और सीसा प्रसंस्करण इकाई हैं।’ (भाषा)

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