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Exclusive: बूस्टर डोज के तौर पर लगेगी नेजल वैक्सीन? DCGI जल्द दे सकता है मंजूरी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 04, 2022 09:39 pm IST,  Updated : Jan 04, 2022 09:39 pm IST

इस वैक्सीन को भारत बायोटेक ने बनाया है जो कि वही कंपनी है जिसने कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin बनाई है।

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कोरोना की नई नेज़ल वैक्सीन आने वाली है जो बूस्टर डोज की तरह काम कर सकती है। Image Source : AP REPRESENTATIONAL

Highlights

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि जल्दी कोरोना की नेजल वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी।
  • कोरोना वायरस की नई नेजल वैक्सीन आने वाली है जिसे एक-दो दिन में ही मंजूरी मिल सकती है।
  • इस वैक्सीन के लगने के बाद भी अगर कोरोना हो गया तो मरीज के हॉस्पिटल जाने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस से पिछले 2 सालों से जूझ रहे देश और दुनिया के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। कोरोना की नई नेजल वैक्सीन आने वाली है जिसे एक-दो दिन में ही मंजूरी मिल सकती है। बूस्टर डोज के तौर पर इस वैक्सीन के लगने के बाद भी अगर कोरोना हो गया तो मरीज के हॉस्पिटल जाने की संभावना काफी कम हो जाएगी। कोरोना की दवाइयों को मंजूरी देनी वाली सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी यानी SEC की मंगलवार को मीटिंग हुई थी जिसमें इसे मंजूरी देने पर विचार किया गया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि जल्दी कोरोना की नेजल वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी।

ओमिक्रॉन वेरिएंट पर भी प्रभावी है वैक्सीन

ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये नेजल वैक्सीन कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट पर भी प्रभावी है। इस वैक्सीन को भी भारत बायोटेक ने बनाया है। बता दें कि यह वही कंपनी है जिसने कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin बनाई है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया इस नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी दे सकता है। ये बूस्टर डोज उन लोगों को दिया जाएगा जिनका पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। उन्हें बूस्टर डोज के तौर पर नेजल वैक्सीन दी जाएगी और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उन्होंने कोविशील्ड की डोज ली है या कोवैक्सीन की।

वैक्सीन को दिया गया है BBV-154 कोड नाम
इस वैक्सीन का नाम तय नहीं है और इस फिलहाल BBV-154 कोड दिया गया है। भारत बायोटेक ने 5 हजार लोगों पर अपनी इस नेजल वैक्सीन BBV154 का क्लिनिकल ट्रायल किया है। जिन लोगों पर ट्रायल हुआ है उनमें से ढाई हज़ार लोगों को कोविशील्ड और ढाई हज़ार को कोवैक्सीन की दोनों डोज लगी थी। भारत बायोटेक के अलावा डॉक्टर रेड्डीज लैब ने भी स्पूतनिक लाइट का प्रपोजल DCGI को भेजा है। ये एक सिंगल डोज वैक्सीन है..जिसे बूस्टर डोज की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्पूतनिक लाइट का भी डेटा सरकार के पास
डॉक्टर रेड्डीज ने स्पूतनिक लाइट का थर्ड फेज का डेटा सरकार को दिया है और कहा है कि स्पूतनिक लाइट बूस्टर वैक्सीन कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ असरदार है। इस वैक्सीन की बूस्टर डोज को लेने के बाद कोरोना के गंभीर संक्रमण और हॉस्पिटल में एडमिट होने की आशंका बहुत कम हो जाती है। हालांकि अभी सरकार स्पूतनिक लाइट के डेटा को स्टडी करेगी इसके बाद इसे परमीशन देने पर विचार होगा, लकिन भारत बायोटेक की जिस नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज़ के तौर पर जल्द मंजूरी मिल सकती है।

पीएम ने किया था नेजल वैक्सीन का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को को अपने संबोधन में ऐलान किया था कि जल्दी कोरोना की नेजल वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। नेजल वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह नाक के अंदरुनी हिस्सों में प्रतिरोधक क्षमता तैयार करती है। चूंकि ज्यादातर वायरस जनित बीमारियों में संक्रमण का रास्ता नाक के जरिए ही होता है ऐसे में नाक से टीका लगाने से संक्रमण को रोकने में ज्यादा मदद मिलती है। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए भारत में नेजल वैक्सीन के निर्माण पर काम तेज कर दिया गया है।

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