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जज संजीव खन्ना ने CJI के तौर पर पहले दिन कितने मुकदमों की सुनवाई की, कौन-कौन से रहे मामले? जानिए पूरी डिटेल

 Published : Nov 11, 2024 11:02 pm IST,  Updated : Nov 11, 2024 11:07 pm IST

जज संजीव खन्ना का आज सीजेआई के तौर पहला दिन रहा। सोमवार को ही संजीव खन्ना को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 51वें प्रधान न्यायाधीश की शपथ दिलाई। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर मामलों की सुनवाई की।

सीजेआई संजीव खन्ना- India TV Hindi
सीजेआई संजीव खन्ना Image Source : FILE PHOTO

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने भारत के 51वें प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पहले दिन ही 45 मुकदमों की सुनवाई की। उन्होंने शुभकामना देने के लिए वकीलों और बार पदाधिकारियों का धन्यवाद किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद सीजेआई खन्ना दोपहर के समय सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश के अदालत कक्ष में दाखिल हुए। 

सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने CJI का किया स्वागत

पूर्व अटॉर्नी जनरल और सीनियर वकील मुकुल रोहतगी सहित बार के सीनियर वकीलों ने उनका भव्य स्वागत किया। सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने दिन की कार्यवाही शुरू होने पर कहा, ‘मैं प्रधान न्यायाधीश के रूप में आपके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं।’ 

अन्य वकीलों ने भी दी शुभकामनाएं

रोहतगी ने शुक्रवार को कहा था कि एक दशक से अधिक समय और सीजेआई वाई के सभरवाल (दिवंगत) के बाद सुप्रीम कोर्ट को दिल्ली हाई कोर्ट से एक और प्रधान न्यायाधीश मिलेगा। अदालत कक्ष में उपस्थित अन्य वकीलों ने भी प्रधान न्यायाधीश को शुभकामनाएं दीं। 

दोपहर बाद की मामलों की सुनवाई

दोपहर बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार के साथ अदालत कक्ष संख्या एक में एकत्रित हुए वकीलों से प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘धन्यवाद।’ जब एक बार सदस्य ने सुनवाई के लिए एक दिन में सूचीबद्ध मामलों के अनुक्रम से संबंधित मुद्दा उठाया, तो प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह उनके ध्यान में है और वह इस पर विचार करेंगे। 

45 मामलों की सुनवाई की

प्रधान न्यायाधीश अपराह्न 2.30 बजे तक अदालत कक्ष में रहे और 45 सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई की, जिनमें अधिकतर वाणिज्यिक वाद थे। मध्यस्थता निर्णय के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘नागरिकों को गुमराह नहीं किया जा सकता।’ 

ये प्रमुख मामले रहे शामिल

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्यस्थता निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इसमें राज्य सरकार को मॉरीशस स्थित एक कंपनी को वादा किए गए कर प्रोत्साहन के तहत भुगतान करने को कहा गया था। 

इससे पहले न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रपति भवन में ‘ईश्वर के नाम पर’, अंग्रेजी में शपथ ली। 14 मई, 1960 को जन्मे न्यायमूर्ति खन्ना छह महीने से कुछ अधिक समय तक भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे और 65 साल की आयु पूरी होने पर 13 मई, 2025 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 

CJI के पद से DY चंद्रचूड़ हुए रिटायर

खन्ना ने न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लिया जो रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। शपथ ग्रहण समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर मौजूद थे। 


भाषा इनपुट के साथ

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