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'सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को कम करना हमारी पहली प्राथमिकता', CJI की शपथग्रहण से पहले बोले जस्टिस सूर्यकांत-VIDEO

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 22, 2025 09:47 pm IST,  Updated : Nov 23, 2025 10:36 am IST

सुप्रीम कोर्ट के नामित सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में करीब 90 हजार से ज्यादा मामले अभी लंबित हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह भी समझना होगा कि लोग हाई कोर्ट और निचली अदालतों की बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आ रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट के नामित सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत - India TV Hindi
सुप्रीम कोर्ट के नामित सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत Image Source : REPORTER INPUT

सुप्रीम कोर्ट के नामित मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शपथग्रहण से पहले अपने आवास पर मीडिया से अनौपचारिक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को कम करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते लंबित मामलों की संख्या सबसे बड़ी चुनौती है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में करीब 90,000 से ज़्यादा मामले लंबित हैं।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि लंबित मामलों का कारण चाहे लिस्टिंग में कमी हो या मामलों का बढ़ना, हमें अब आगे की सोच के साथ समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता (जजों की पूरी शक्ति) का पूरा इस्तेमाल हो।

पुराने और रोके गए मामलों पर विशेष ध्यान

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'कई ऐसे मामले हैं, जो इसलिए नहीं चल पा रहे क्योंकि उनसे जुड़े मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में अटके हुए हैं। मैं उन मामलों की पहचान करवाऊंगा और तुरंत बेंच बनाकर उनका फैसला करवाने की कोशिश होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने मामलों को जल्दी निपटाना उनकी प्राथमिकता होगी।'

लोग सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आ रहे?

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें यह भी समझना होगा कि लोग हाई कोर्ट और निचली अदालतों की बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आ रहे हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हाई कोर्ट भी संवैधानिक अदालत है, उनके पास भी वही अधिकार हैं। पहले जैसी स्वस्थ परंपराएं वापस लानी होंगी।

मेडिएशन को देंगे बढ़ावा

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दूसरा बड़ा फोकस मेडिएशन (सुलह-समझौता प्रक्रिया) को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि मेडिएशन सबसे आसान और गेम चेंजर उपाय हो सकता है। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों को भी इस दिशा में आगे आना होगा। प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में मेडिएशन पर दिए सकारात्मक संदेश से उम्मीद बढ़ी है कि सभी पक्ष इसमें सहयोग देंगे।

न्यायाधीशों की सोशल मीडिया से दूरी

जस्टिस कांत ने कहा कि न्यायाधीशों को सोशल मीडिया ट्रोलिंग या टिप्पणी से प्रभावित नहीं होना चाहिए। न्यायपालिका की स्वतंत्रता सबसे अहम है। 

AI और तकनीकी चुनौतियां

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि AI के फायदे हैं, लेकिन चुनौतियां भी हैं जैसे कि ChatGPT जैसे टूल्स से होने वाली त्रुटियों की समीक्षा जरूरी होगी। 

नए बेंच तथा हाई कोर्ट की जरूरत

मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की मांग पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुप्रीम कोर्ट का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे संस्थागत सेट-अप का समावेशी आकलन चाहिए। 

शपथ समारोह में विदेशी न्यायाधीशों का आमंत्रण

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उनके शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी न्यायाधीशों की भागीदारी होगी और यह दिखाता है कि भारतीय न्यायपालिका को वैश्विक सम्मान मिला हुआ है।

सोमवार को सीजेआई का पदभार संभालेंगे जस्टिस सूर्यकांत

बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 (सोमवार) को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेंगे। मौजूदा CJI जस्टिस बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को पदभार ग्रहण करेंगे। 

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