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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में किसानों की हालत देख हुए परेशान, सीएम अतिशी को खत लिखकर कहा- 'राजनीति से ऊपर उठें'

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 02, 2025 06:27 pm IST,  Updated : Jan 02, 2025 06:43 pm IST

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में बताया है कि राज्य सरकार से प्रपोजल मिलने के बाद केंद्र सरकार पैसा जारी करती है, लेकिन दिल्ली की तरफ से प्रपोजल ही नहीं मिला। इस वजह से किसानों को योजनाओं को लाभ नहीं मिला। इसके साथ ही उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की बात कही है।

Shivraj Singh chauhan- India TV Hindi
शिवराज सिंह चौहान Image Source : PTI

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की सीएम आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 'आप' की सरकार किसानों के प्रति बेहद उदासीन है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में किसानों के लिए कोई संवेदना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में केजरीवाल और आतिशी ने कभी किसानों के हित में उचित निर्णय नहीं लिए। केजरीवाल ने हमेशा चुनावों से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएं कर राजनीतिक लाभ लिया है।

शिवराज ने कहा कि केजरीवाल ने सरकार में आते ही जनहितैषी निर्णय लेने के स्थान पर अपना रोना रोया है। 10 वर्षों से दिल्ली में आप की सरकार है, लेकिन पूर्व सीएम केजरीवाल ने हमेशा किसानों के साथ केवल धोखा किया है। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं किया।

दिल्ली के किसानों को हो रहा नुकसान

  • कृषि मंत्री ने कहा कि दिल्ली के किसान केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। दिल्ली में आप सरकार ने किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रखा है। एकीकृत बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज ग्राम कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं का लाभ किसान नहीं ले पा रहे हैं।
  • दिल्ली में केंद्र की कृषि योजनाएं लागू नहीं होने से किसान भाई-बहन नर्सरी और टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल उपरांत प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, नए बाग, पाली हाउस एवं कोल्ड चैन की सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं के लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
  • कृषि विकास योजना लागू नहीं होने से कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल डायवर्सिफिकेशन के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसान नहीं ले पा रहे हैं।
  • बीज ग्राम कार्यक्रम के दिल्ली में क्रियान्वयन नहीं होने से बीजों के वितरण, बीज परीक्षण, प्रयोगशालाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, बीज प्रमाणीकरण एजेंसियों की सहायता, बीजों की पारंपरिक किस्म के लिए सहायता और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी जैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
  • दिल्ली में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित किसान उपकरण का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक दाम देना पड़ रहा है।
  • आप की सरकार फ्री बिजली की बात करती है, लेकिन दिल्ली में किसानों के लिए बिजली की उच्च दरें निर्धारित कर रखी हैं।
  • यमुना से लगे गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

राजनीति से उठकर किसानों के हित में निर्णय लें

कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा किसान कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए। किसान कल्याण सभी सरकारों का कर्तव्य है। दलगत राजनीति से उठकर आप की सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने चाहिए। आम आदमी पार्टी की सरकार को केंद्र की योजनाओं को लागू कर दिल्ली के किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के किसान मुझसे मिले थे, उन्हें कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। हमारी बीज ग्राम की योजना के लिए उन्होंने प्रपोजल ही नहीं भेजे। हमारी मैकेनाइजेशन की योजना है, सूक्ष्म सिंचाई योजना है, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, एक नहीं कई योजनाएं हैं, पत्र में मैंने विस्तार से उल्लेख किया है।

Shivraj Singh chauhan
Image Source : INDIA TVशिवराज सिंह चौहान का पत्र

प्रस्ताव नहीं भेज रही दिल्ली सरकार

शिवराज ने बताया कि केंद्र सरकार अपनी तरफ से पैसा देने के लिए तैयार है, लेकिन दिल्ली की सरकार की वजह से किसानों का उन योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा "केंद्र अपने आप पैसा नहीं भेजता है। राज्य के प्रपोजल पर केंद्र योजनाओं का पैसा भेजता है और दिल्ली से कई योजनाओं के लिए केंद्र सरकार के पास कोई प्रस्ताव आए ही नहीं, इसलिए उन योजनाओं का लाभ नहीं मिला। कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें 60% पैसा केंद्र सरकार देती है और 40% पैसा राज्य को मिलाना पड़ता है। हम राज्य के प्रपोजल के आधार पर पैसा जारी करते हैं, उन्होंने प्रस्ताव नहीं भेजे इसलिए मैंने पत्र लिखा है।"

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