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'अयोध्या में राम मुस्कुरा सकते हैं, तो कृष्ण क्यों नहीं?', मथुरा में CM मोहन यादव का बयान

Edited By: Subhash Kumar @ImSubhashojha Published : Sep 22, 2025 08:19 am IST, Updated : Sep 22, 2025 02:21 pm IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक कार्यक्रम में भाग लेने मथुरा के वृंदावन पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मुस्कुरा सकते हैं, तो कृष्ण क्यों नहीं?

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Image Source : X (@DRMOHANYADAV51) मथुरा में सीएम मोहन यादव।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूपी के मथुरा में एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दे दिया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि यदि भगवान राम अयोध्या में मुस्कुरा सकते हैं, तो कृष्ण क्यों नहीं? मोहन यादव के इस बयान को मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि शाही ईदगाह मस्जिद -श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विवाद कोर्ट में लंबित है। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने इस बारे में और क्या कहा है।

भागवत कथा में वृंदावन पहुंचे सीएम मोहन

दरअसल, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शर्मा ने वृंदावन में 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता और शहीदों की स्मृति में केशव धाम में भागवत कथा का आयोजन कराया था। इसके समापन समारोह में शामिल होने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पहुंचे। यहां सीएम मोहन यादव ने इशारों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर विचार साझा किया।

क्या बोले सीएम मोहन?

सीएम मोहन यादव ने कहा- ''हमने अयोध्या में रामलला को मुस्कुराते हुए देखा है। यह बदलता युग है। जब राम लला मुस्कुरा रहे हैं, तो क्या गलत है, कृष्ण कन्हैया भी मुस्कुराएं। यह भी आनंद आना चाहिए। ध्वनि चारों दिशाओं से आ रही है। जो बहरे हैं वे अपने कान ठीक कर लें, जिनकी आंखों में समस्या है वे साफ देख लें। हम ज़्यादा दूर नहीं हैं।'' मोहन यादव ने सीधे तौर पर नाम नहीं लिया लेकिन उनका ये बयान शाही ईदगाह मस्जिद-श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा विवाद?

आपको बता दें कि मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद-श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बीते कुछ समय से विवाद बढ़ गया है। ये मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबित है। हिंदू पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और जमीन पर कब्जे की मांग की जा रही है। वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से साल 1968 में हुए समझौते और उपासना स्थल अधिनियम 1991 का हवाला देकर मस्जिद की कानूनी वैधता का दावा किया जा रहा है। (इनपुट: भाषा)

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