1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Waqf Bill: वक्फ बोर्ड ने इस पूरे गांव पर कर दिया दावा, 1500 साल पुराने मंदिर को भी नहीं छोड़ा

Waqf Bill: वक्फ बोर्ड ने इस पूरे गांव पर कर दिया दावा, 1500 साल पुराने मंदिर को भी नहीं छोड़ा

 Reported By: T Raghavan Edited By: Subhash Kumar
 Published : Apr 02, 2025 04:15 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 04:37 pm IST

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश हो चुका है। इस बिल के समर्थन और विरोध के बीत आए आपको बताते हैं एक ऐसी कहानी जहां वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव पर ही दावा कर दिया। गांव की जमीन के साथ ही वक्फ बोर्ड ने 1500 साल पुराने मंदिर को भी नहीं छोड़ा।

तिरुचेंदुरई गांव पर वक्फ का दावा।- India TV Hindi
तिरुचेंदुरई गांव पर वक्फ का दावा। Image Source : INDIA TV

देशभर में इस वक्त केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर चर्चाएं जारी हैं। संसद के निचले सदन लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया गया है और इस पर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार आसानी से इस बिल को राज्यसभा और लोकसभा दोनों में ही पास करवा लेगी। हालांकि, विपक्षी दल और AIMPLB समेत कई मुस्लिम संगठन इस बिल का जमकर विरोध कर रहे हैं। वक्फ बिल को लेकर मचे इस हंगामे के बीच तमिलनाडु के एक गांव तिरुचेंदुरई की कहानी सामने आई है। दरअसल, इस पूरे गांव की जमीन पर वक्फ बोर्ड ने दावा करते हुए इसे अपना बता दिया था। 

1500 साल पुराने मंदिर पर भी दावा

तमिलनाडु का तिरुचेंदुरई एक ऐसा गांव है जहां की पूरी यानी करीब करीब 330 एकड़ जमीन पर वक्फ बोर्ड ने दावा करते हुए अपना बता दिया था। तमिलनाडु के तिरुचि जिले में स्थित तिरुचेंदुरई गांव में एक सदियों पुराना मणेंडियावल्ली चंद्रशेखर स्वामी मंदिर भी है। कहा जाता है कि ये आठवीं सदी का मंदिर है यानी कि ये मंदिर 1500 साल पुराना है। पूरे गांव के साथ ही वक्फ बोर्ड ने मंदिर की जमीन पर भी दावा कर दिया।

वक्फ ने पूरे गांव की जमीन पर जताया अधिकार

साल 2022 में राजगोपाल नाम के एक किसान ने अपनी खेती की जमीन बेचने की कोशिश की। राजगोपाल को लोन चुकाना था लेकिन वो अपनी जमीन बेच नहीं पाए। दरअसल, राजगोपाल को रजिस्ट्रार ऑफिस से कहा गया कि वक्फ़ ने इस पूरे गांव की सारी जमीन पर अपना अधिकार जताया है। ऐसे में बिना वक्फ बोर्ड की NOC के कोई जमीन खरीदी या बेची नहीं जा सकती। यहां तक कि रजिस्ट्रार दफ्तर में इस बाबत एक नोटिस भी चस्पा कर दिया गया।

राज्य सरकार ने किया था हस्तक्षेप

जब इस मसले को लेकर बवाल मच गया तो DMK सरकार ने दखल दिया और कहा कि जमीन की रजिस्ट्री के लिए वक्फ़ बोर्ड से NOC की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद पिछले 3 सालों में गांव की कई जमीनों की बिक्री भी हुई। लेकिन तमिलनाडु वक्फ़ बोर्ड अभी भी इस दावे पर कायम है कि गांव की जमीन वक्फ़ की है। हालांकि, इससे जुड़ा कोई डॉक्यूमेंट अब तक पब्लिक नहीं किया गया है।

ये भी पढ़ें- Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा जारी, JDU ने कहा- मुस्लिम विरोधी नहीं है बिल

वक्फ बिल पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने जताई आपत्ति, बोले- जबरन संसद में लाया गया है इसे

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत