नयी दिल्ली: कभी-कभी एक नाम सुनकर ऐसा लगता है मानो आप उसे जानते हैं लेकिन जिस नाथू की हम बात करने जा रहे हैं उसका फिल्म शराबी के नत्थूलाल से कोई लेना देना नही है जिन पर अमिताभ बच्चन का ये डॉयलॉग बहुत मशहूर हुआ था: "मूंछें हो तो नत्थू लाल जैसी हों। "
हम यहां जिस नाथू की बात कर रहे हैं वह हैं जयपुर के एक मज़दूर के लड़के जो अगले हफ़्ते साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ Board President's XI से तीन दिवसीय क्रिकेट मैच में खेलेंगे। दरअसल नाथू का पूरा नाम है नाथू भरत सिंह। इनके बारे में कहा जाता है कि वह इस समय भारत के सबसे तेज़ गेंदबाज़ हैं।
दरअसल नाथू को सबसे पहले पहचाना राहुल द्रविड ने। इसके बाद गौतम गंभीर ने भी इनकी प्रतिभा का ज़िक्र किया। इसके बाद चेयरमैन और नैशनल सिलैक्टर संदीप पाटिल ने की भी उन पर नज़र पड़ी और फिर क्या था नाथू सबकी नज़रों में चढ़ गए। दिलचस्प बात ये है कि नाथू ने अब तक सिर्फ तीन प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं।
अभी तीन साल पहले तक नाथू गली मोहल्ले में सॉफ़्च बॉल से खेला करते थे और तब भी उसे खेलना मुश्किल होता था।
एक ग़रीब परिवार का बच्चा सपने भले ही देख ले लेकिन उसे साकार करना लगभग असंभव होता है। नाथू जब क्रिकेट सीखने सुराणा अकादमी गए तो उनके पास फीस के लिए दस हज़ार (सालाना) नहीं थे लेकिन उनके पिता ने कहा कि उनके पास जितना भी है वो देंगे और दो महीने देखते हैं।
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