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मुस्लिम मंत्री को महंगा पड़ा ‘जय श्री राम’ का नारा, फतवे के बाद मांगी माफी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 30, 2017 09:27 pm IST,  Updated : Jul 30, 2017 09:28 pm IST

बिहार के गन्ना एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने एक मुफ्ती द्वारा उनके खिलाफ फतवा जाने किए जाने पर आज माफी मांग ली। गत शुक्रवार को प्रदेश की नवगठित एनडीए सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद जय श्री राम का नारा लगाया था।

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पटना: बिहार के गन्ना एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने एक मुफ्ती द्वारा उनके खिलाफ फतवा जाने किए जाने पर आज माफी मांग ली। गत शुक्रवार को प्रदेश की नवगठित एनडीए सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद जय श्री राम का नारा लगाया था।

बिहार में सत्ताधारी पार्टी जेडीयू के पश्चिम चंपारण जिला के सिकटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक खुर्शीद ने नीतीश कुमार नीत प्रदेश की नवगठित राजग सरकार के गत शुक्रवार को बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद सदन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जय श्रीराम के नारे लगाये थे।

खुर्शीद ने आज कहा कि अगर उनके किसी भी व्यक्त्व से किसी को तकलीफ पहुंची है, तो उसके लिए वे माफी मांगते हैं। उन्होंने उक्त कथन को तोडमरोड़कर पेश तथा उनके खिलाफ साजिश किए जाने का आरोप लगाया। खुर्शीद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे कहा कि अगर उनके व्यक्त्व से किसी भी भावना को ठेस पहुंची हो तो हम चाहेंगे कि आप इसपर गौर करें और उनसे माफी मांग ले।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार को खुर्शीद ने कहा था कि अगर उनके जय श्रीराम बोलने से बिहार की जनता को कुछ मिल जाए तो वे बार-बार और सुबहशाम जय श्रीराम का जाप करेंगे।

पिछली महागठबंधन (जदयू-राजद-कांगेस) में गन्ना मंत्री रह चुके खुर्शीद के इस विवादास्पद कथन पर पटना स्थित मुस्लिम संस्था इमारत ए शरिया के मुफ्ती सुहैल अहमद कासिम ने कहा था कि जो मुसलमान कहे कि वह रसूल और दोनों के समक्ष सिर झुकाता हो तथा हिंदुस्तान के सभी मजहबी मकामात पर मत्था टेकता हूं, उसके बाद बाजापता जय श्रीराम का नारा लगाए, ऐसा नजरिया रखने वाला व्यक्ति इस्लाम से खारिज हो जाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इमारत ए शरिया द्वारा जारी किया गया कोई फतवा नहीं बल्कि एक मुफ्ती होने के नाते उनकी राय है। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने खुर्शीद का बचाव करते हुए कहा कि यह देश जहां महापुरुषों यथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी राम और रहीम का नाम साथ लेते थे। उन्होंने कहा कि हमारे मंत्री खुर्शीद ने जो नारा लगाया है कि वह किसी के धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि देश की गंगाजमुनी तहजीब के तहत नारा लगाया था।

वहीं राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने खुर्शीद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अधिक उत्साहित हो जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कहीं की उन्हें बादशाहत मिल गयी हो। राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने कहा कि इससे यही लगता है कि सत्ता पाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्हें जनता सबक सिखा देगी।

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