1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'मोदी सरकार को हटाने के लिए 2 तरह के गठजोड़, संपूर्ण एकता, संभव एकता'

'मोदी सरकार को हटाने के लिए 2 तरह के गठजोड़, संपूर्ण एकता, संभव एकता'

 Reported By: IANS
 Published : Jan 22, 2019 01:09 pm IST,  Updated : Jan 22, 2019 01:09 pm IST

शरद यादव ने कहा है कि 1977, 1990, 1996 और 2004 में गठबंधन व अन्य सरकारें बनीं लेकिन तब भी पहले से प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में पता नहीं था। इस बार भी भाजपा चुनाव में हारती है तो प्रधानमंत्री चुनना मुश्किल नहीं होगा। 

'मोदी सरकार को हटाने के लिए 2 तरह के गठजोड़, संपूर्ण एकता, संभव एकता'- India TV Hindi
'मोदी सरकार को हटाने के लिए 2 तरह के गठजोड़, संपूर्ण एकता, संभव एकता'

नई दिल्ली: लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को हटाने के विपक्ष के लक्ष्य को पाने के लिए सभी राज्यों में दो तरह के गठजोड़ होंगे, एक तो 'संपूर्ण एकता' और दूसरा 'संभव एकता'। यादव ने कहा कि अतीत में गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री का नाम आमतौर से लोकसभा चुनाव के बाद उभर कर सामने आता था और ऐसा ही आने वाले लोकसभा चुनाव के बाद होगा।

शरद यादव ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर विपक्ष का गठबंधन काम करता नहीं दिख रहा है, ऐसे में राज्य आधारित गठजोड़ होंगे। शरद यादव ने कहा, "संपूर्ण एकता हो सकती है और संभव एकता हो सकती है। प्रयास संपूर्ण एकता के लिए है लेकिन अगर यह संभव नहीं हुआ तो फिर संभव एकता होगी।" 

शरद यादव ने माना है कि कई राज्यों में विपक्षी दलों के अपने-अपने दावों के कारण पूर्ण एकता हासिल करना मुश्किल है। तीन राज्यों से लोकसभा चुनाव जीत चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन करने का सही फैसला लिया है। यह भाजपा को चुनौती देने की दिशा में बड़ा कदम है।

शरद यादव ने कहा है कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में पूर्ण एकता हासिल करना मुश्किल है लेकिन जो भी हो, विपक्षी पार्टियां भाजपा को हराने के लिए एकजुट होंगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में विपक्षी पार्टियां आसानी से पूर्ण एकता हासिल कर सकती हैं। 

सात बार लोकसभा चुनाव जीत चुके शरद यादव ने कहा कि देश की जनता ने तय कर लिया है कि अब भाजपा को आने वाले चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाना है। उन्होंने कहा, "पहली प्राथमिकता भाजपा को हराना है। सरकार गठन पर बाद में फैसला हो जाएगा।"

शरद यादव ने कहा है कि 1977, 1990, 1996 और 2004 में गठबंधन व अन्य सरकारें बनीं लेकिन तब भी पहले से प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में पता नहीं था। इस बार भी भाजपा चुनाव में हारती है तो प्रधानमंत्री चुनना मुश्किल नहीं होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि लोकसभा में लोगों को मजबूत सरकार और मजबूर सरकार के बीच में से किसी एक को चुनना होगा, इस पर यादव ने कहा कि इस तरह के नारों का कोई अर्थ नहीं है। लोग ही अंत में संप्रभु प्राधिकारी हैं।

उन्होंने कहा है कि ऐसी सरकार से देश को कोई लाभ नहीं है, जो अपने आप को मजबूत सरकार बोलती है लेकिन 'संविधान के तहत काम नहीं करती है।' शरद ने कहा कि मोदी सरकार देश की जनता में फूट डाल रही है, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही है और लोगों से किए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है। बिहार में लोकतंत्रिक जनता दल विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत