नई दिल्लीः लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का मानसून सत्र हंगामे का भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही बहुत कम चली। इसके लिए स्पीकर और पीएम मोदी ने निराशा जताई है।
नई दिल्लीः लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का मानसून सत्र हंगामे का भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही बहुत कम चली। इसके लिए स्पीकर और पीएम मोदी ने निराशा जताई है।
राज्यसभा का 268वां सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और सत्र के दौरान जहां बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लगातार गतिरोध बना रहा, वहीं हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित करवाया गया। सत्र के दौरान मात्र 38 प्रतिशत ही कामकाज हो पाया। उपसभापति हरिवंश ने सत्र के अंत में अपनी टिप्पणी में कहा कि हंगामे के कारण सदन में केवल 41 घंटे 15 मिनट कामकाज हो पाया और सदन का कामकाज केवल 38.88 प्रतिशत रहा जो बहुत निराशाजनक है।
राज्यसभा में आज ऑनलाइन गेमिंग बिल पास कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच संसद के उच्च सदन में ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पेश किया था। उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पढ़ा और ध्वनिमत से पारित कर दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर वे इसके पक्ष में हैं तो "मैं" कहें और जो इसके पक्ष में नहीं हैं वे "नहीं" कहें।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। जिसमें लोकसभा में 12 विधेयक पारित हुए और 55 सवालों के ही मौखिक जवाब दिए गए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद रहे।
विपक्षी सांसदों के हंगामे पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को लताड़ लगाई और कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण लोकतंत्र के मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। ये संसद की गरिमा के अनुसार नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की जनता देख रही है कि किस तरह से अहम मुद्दों पर चर्चा को बाधित किया जा रहा है।
बिहार SIR के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। पीएम मोदी भी सदन में मौजूद हैं।
गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने हंगामा कर दिया जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई से हुई थी और आज आखिरी दिन है। लेकिन विपक्षी सांसद बिहार SIR पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में पूरे दिन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
बीते दिन लोकसभा में अमित शाह ने 3 बिल पेश किए तो विपक्ष ने उसकी कॉपी फाड़कर कागज गृह मंत्री पर उछाल दिए। वहीं, ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह से बैन लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025 लोकसभा से पास हुआ।
विपक्ष का आरोप है कि इसके प्रावधानों का उपयोग सरकारें विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर सकती हैं। उन्हें केन्द्र द्वारा राज्यों के अधिकार छीनने का भी डर है। तेजस्वी यादव ने इस बिल का विरोध किया तो प्रशांत किशोर इसके समर्थन में आ गये हैं।
130वें संविधान संशोधन ने सियासत में भूचाल ला दिया है। पीएम, सीएम और मंत्रियों को हटाये जाने वाला बिल लोकसभा में पेश होकर भले ही जेपीसी को चला गया है लेकिन इस पर सियासत गर्मा गई है...लोकसभा में विपक्ष ने इसे लेकर जिस तरह हंगामा किया उसने बता दिया है कि आज क्या होगा।
सरकार इस मॉनसून सत्र में गेमिंग बिल पास करवाने के लिए पूरा जोर लगा चुकी है। लोकसभा के बाद आज ये बिल राज्यसभा में पास होना है, आज आखिरी दिन है इसलिए सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। वहीं वोटर रिविज़न का विरोध कर रहे विपक्ष के पास भी आज आखिरी मौका है इसलिए वो भी पूरी तैयारी में है। इस बीच 130वें संविधान संशोधन ने सियासत में भूचाल ला दिया है।
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