जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों से पर्यटकों को बचाते हुए आदिल की मौत हो गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को खत्म कर दिया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए थे। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कई हवाई हमले किए, लेकिन अंत में दोनों देश सीजफायर पर राजी हो गए। इसके बाद आदिल के भाई नौशाद ने पीएम मोदी और भारतीय सेना को शुक्रिया कहा है।
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों को बचाने की कोशिश करते हुए स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह की मौत हो गई थी। ऑपरेशन सिंदूर पर उनके भाई सैयद नौशाद ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी और सशस्त्र बलों को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने और पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए धन्यवाद देता हूं। मुझे हमारे सशस्त्र बलों पर गर्व है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए। हमें प्रधानमंत्री मोदी और सरकार से बहुत उम्मीदें थीं और उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया।"
22 अप्रैल को हुआ था पहलगाम हमला
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में चार हथियारबंद आतंकियों ने 22 अप्रैल की दोपहर हमला किया था। आतंकियों ने 26 निहत्थे और निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। आतंकियों ने लोगों को मारने से पहले उनका धर्म भी पूछा था। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के नौ ठिकानों पर हमला किया था। जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के ठिकानों पर हुए हमले में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने, लेकिन नौ मई को दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए।