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बलविंदर सिंह चिब के बलिदान ने तीन पीढ़ियों की वीरता की विरासत को रखा कायम, प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए थे परदादा

 Published : Mar 28, 2025 11:56 pm IST,  Updated : Mar 29, 2025 12:01 am IST

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में गुरुवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। 4 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। आतंकवादियों से लड़ते हुए बलविंदर सिंह चिब भी शहीद हो गए।

शहीद बलविंदर सिंह चिब - India TV Hindi
शहीद बलविंदर सिंह चिब Image Source : SOCIAL MEDIA

जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों से लड़ते हुए बलविंदर सिंह चिब ने अपनी जान गंवा दी। बलविंदर सिंह चिब ने साहस की उस विरासत को आगे बढ़ाया जो तीन पीढ़ियों से चली आ रही है। इस मुठभेड़ में बलविंदर समेत तीन बहादुर पुलिस कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी। चिब की मृत्यु के साथ ही उनके परिवार ने कर्तव्य की राह पर चलते हुए तीन पीढ़ियों के चार सदस्यों को खो दिया है। 

आतंकियों से मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी शहीद

चिब के पैतृक गांव कन्ना चक के स्थानीय निवासियों के अनुसार, परिवार को बलिदान और देशभक्ति के इतिहास के लिए सम्मानित किया जाता है। कठुआ जिले में जारी मुठभेड़ में चिब समेत चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। गुरुवार सुबह अभियान शुरू हो गया था और आखिरी खबर मिलने तक यह जारी था। 

बलिदान और देशभक्ति के लिए जाना जाता है चिब परिवार

चक हरिया गांव के पूर्व सरपंच दीवान सिंह ने कहा, 'चिब परिवार अपने बलिदान और देशभक्ति के लिए जाना जाता है। चक हरिया गांव को अपने बेटों पर बहुत गर्व है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी।' कन्ना चक, चक हरिया का ही एक हिस्सा है। 

प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए परदादा

चिब परिवार के बलिदान के लंबे इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बलविंदर के परदादा प्रकाश सिंह चिब को शहादत से पहले उनकी बहादुरी के लिए विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया था। प्रकाश सिंह चिब के भाई शंकर सिंह चिब ने भी अपने प्राणों की आहुति देकर सम्मान अर्जित किया।' 

परिवार से चौथे शहीद बने बलविंदर

बलविंदर के चाचा प्रीतम सिंह चिब कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए। वह सीमा सुरक्षा बल में सेवारत थे। उन्होंने कहा, 'अब बलविंदर की जान चली गई है और वह परिवार से चौथे शहीद बन गए हैं। यह साहस और बलिदान की अद्वितीय विरासत है।' 

मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकी

गुरुवार को दिन भर चली मुठभेड़ में प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन के तीन संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए और 4 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। शुक्रवार को एक और पुलिसकर्मी मृत पाया गया। 

हमेशा दूसरों की मदद करते थे शहीद बलविंदर

दीवान सिंह ने कहा कि बलविंदर ने अंतिम बलिदान देने से पहले आतंकवादियों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। गांव वाले बलविंदर को एक दयालु, अनुशासित और निस्वार्थ व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। उनके पड़ोसी सुमित ने कहा, 'वह बहुत अच्छे इंसान थे और हमेशा दूसरों की मदद करते थे। उनका कभी किसी से झगड़ा या विवाद नहीं हुआ।' बलविंदर के परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा हैं। (भाषा के इनपुट के साथ)

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