जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश ने आम लोगों का जीना दूभर कर दिया था। बीती रात भारी बारिश थम गई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई है। वहीं, आज फिर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि आज भी रामबन में भारी बारिश हो सकती है। बता दें कि भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है और कई रास्ते बंद पड़े हुए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते खोले हैं। साथ ही जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, बीती रात रामबन में भारी बारिश हुई। अभी फिलहाल बारिश रुक गई है और मौसम विभाग ने भारी बारिश होने की आशंका जताई है। वहीं, सुबह होने के बाद रामबन के ताजा विजुअल सामने आए हैं, जहां हाईवे पर लैंडस्लाइड से छोटे-बड़े पत्थरों का पहाड़ नजर आ रहा है, प्रशासन ने जल्द से जल्द यात्रियों का राहत देने के लिए कई वैकल्पिक मार्ग खोल दिए थे। मलबा एनएच 44 पर गिरा था जिस कारण यह बंद था। ऐसे में प्रशासन ने हल्के वाहनों के लिए मुगल रोड को खोल दिया।
वहीं, पर्यटकों ने मुगल रोड पर सुविधाओं की कमी से अपनी नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने इमरजेंसी सर्विसेज, रेस्ट एरिया और अच्छे नेटवर्क नहीं होने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि हम यहां फंस गए हैं और यहां ऐसा लग रहा कि कभी भी जान पर बन सकती है। आगे अफसरों से उन्होंने अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द मलबा हटाए और लोगों को जरूरी चीजें मुहैया कराएं। वहीं, बारिश के रूकने से प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य में तेजी ला दी है। बीते रात भारी बारिश राहत और बचाव में बाधा बन गई थी।
गौरतलब है कि रामबन में जिले में बादल फटने से 3 लोगों की जान चली गई। वहीं, 100 से ज्यादा लोगों को प्रशासन ने बचाया। बादल फटने से जिले की हालत काफी खराब हो गई, यहां अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, इसके कारण हाईवे बंद हो गए। साथ ही 40 से अधिक भेड़-बकरियां भी मर गईं। वहीं, हालात के मद्देनजर आज रामबन में सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। शिक्षा मंत्री साकिन इटू ने लगातार मौसम खराब की स्थिति को देखते हुए 20 अप्रैल को ही लिया था।
जम्मू कश्मीर ट्रैफिक पुलिस ने मामले को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि जम्मू-श्रीनगर के एनएच-44 पर वाहनों की आवाजाही स्थगित रहेगी क्योंकि 21 अप्रैल की रात 8 बजे तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता और सड़क चलने लायक नहीं हो जाती, तब तक वे जम्मू-श्रीनगर एनएचडब्ल्यू (एनएच-44) पर यात्रा न करें।
बर्फ जमा होने के कारण किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग मार्ग (NH-244) अभी भी बंद है। किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बारे में फैसला एनएचआईडीसीएल से हरी झंडी मिलने के बाद लिया जाएगा।
श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी मार्ग बर्फ जमा होने के कारण अभी भी बंद है। एसएसजी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बारे में निर्णय बीआरओ से हरी झंडी मिलने के बाद लिया जाएगा।
शोपियां से पुंछ की ओर एलएमवीएस के लिए केवल एकतरफा ट्रैफिक को मुगल रोड पर अनुमति दी जाएगी। इन वाहनों को हरपोरा (शोपियां) से 10.00 बजे से 03.00 बजे तक अनुमति दी जाएगी। डीएम पुंछ और डीएम शोपियां द्वारा जारी आदेश के अनुसार समय कटौती के बाद किसी भी वाहन को अनुमति नहीं दी जाएगी।
बर्फ जमा होने के कारण भद्रवाह-चंबा मार्ग अभी भी बंद है।
इस कारण ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की वे यातायात नियंत्रण इकाई से सड़क की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही यात्रा करें-
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