Monday, February 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. न्‍यूज
  4. IIT मद्रास ने हाथ में पहनने वाला बैंड बनाया, कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों पर रखेगा नजर

IIT मद्रास ने हाथ में पहनने वाला बैंड बनाया, कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों पर रखेगा नजर

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Jul 25, 2020 01:28 pm IST, Updated : Jul 25, 2020 01:28 pm IST

आईआईटी मद्रास ने कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए हाथ में पहनने वाला एक ऐसा बैंड बनाया है जो एकदम शरुआती स्तर पर ही किसी इंसान को संक्रमण के बारे में बता सकता है।

iit madras creates handheld band, will monitor symptoms of...- India TV Hindi
Image Source : GOOGLE iit madras creates handheld band, will monitor symptoms of corona virus infection

नई दिल्ली। आईआईटी मद्रास ने कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए हाथ में पहनने वाला एक ऐसा बैंड बनाया है जो एकदम शरुआती स्तर पर ही किसी इंसान को संक्रमण के बारे में बता सकता है। यह बैंड अगले माह तक बाजार में आ सकता है। आईआईआईटी मद्रास में स्टार्ट अप ‘‘म्यूज वियरेबेल्स’’ की शुरुआत पूर्व छात्रों के एक समूह ने एनआईटी वारंगल के पूर्व छात्रों के साथ मिल कर की है। इन ट्रैकर्स को 70 देशों में लांच करने की योजना है। हाथ के ट्रैकर में शरीर के तापमान को मापने, हृदय गति तथा एसपीओ2 (ब्लड ऑक्सीजन सघनता) को मापने के लिए सेंसर लगे है, जो लगातार इन पर नजर रख कर संक्रमण के शुरुआती स्तर में ही पता लगाने में मदद कर सकता है।

यह ट्रैकर ब्लूटूथ से चलेगा और इसे म्यूज हेल्थ ऐप के जरिए मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकता है। उपयोगकर्ता के शरीर से जुड़ी तथा अन्य गतिविधियों की जानकारी फोन तथा दूरस्थ सर्वर में इकट्ठा हो जाएगी। उपयोगकर्ता यदि किसी निरुद्ध क्षेत्र में जाता है तो आरोग्य सेतु ऐप के जरिए उसे संदेश मिल जाएगा। आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र केएलएनसाई प्रशांत ने बताया, ‘‘ हमारा इस वर्ष दो लाख उत्पाद की ब्रिकी का लक्ष्य है और 2020 तक पूरी दुनिया में 10 लाख ट्रैकर बेचने की योजना है।

निवेशकों को हमारे नवोन्मेष पर भरोसा है और उन्हें लगता है कि हम उपभोक्ता तकनीक जगत में भारी बदलाव ला सकते हैं। हम 22 करोड़ रुपए इकट्टा करने में सफल हो गए हैं।’’ इस ट्रैकर की कीमत 3500 रुपए है और यह 70 देशों में अगस्त तक आ जाएगा। एनआईटी वारंगल से स्नातक के.प्रत्यूषा ने कहा,‘‘ हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसे मरीजों की पहचान में मदद करना है जिन्हें कोविड निमोनिया पहले हो सकता है ताकि उनका और प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सके।’’

Latest Education News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें एजुकेशन

Advertisement
Advertisement
Advertisement