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स्कूल हुए बंद तो अब 'भारत पढ़े ऑनलाइन': रमेश पोखरियाल 'निशंक'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 10, 2020 04:40 pm IST,  Updated : Apr 10, 2020 04:43 pm IST

कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन के कारण छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई है। बंद स्कूलों की भरपाई के लिए सरकार ऑनलाइन शिक्षा का तेजी से प्रसार कर रही है।

ramesh pokhriyal- India TV Hindi
ramesh pokhriyal

नई दिल्ली। कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन के कारण छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई है। बंद स्कूलों की भरपाई के लिए सरकार ऑनलाइन शिक्षा का तेजी से प्रसार कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार से 'भारत पढ़े ऑनलाइन' अभियान की शुरुआत की गई है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने देश में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को अधिक उत्कृष्ट बनाने के लिए 'भारत पढ़े ऑनलाइन' अभियान की शुरुआत की है।मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस अभियान का प्रचार गूगल एड और यूट्यूब एड के द्वारा भी करने का निर्णय लिया है।

इस अभियान का उद्देश्य भारत में डिजिटल शिक्षा के लिए उपलब्ध प्लेटफार्म को और बढ़ावा देना तथा देशभर के बुद्धिमान लोगों से इसको और उत्कृष्ट बनाने एवं इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव लेना है। सभी सुझाव सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ साझा किये जाएंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने इस अभियान के बारे में कहा, "इस अभियान के तहत स्कूल में अथवा उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को जोड़ा जायेगा क्योंकि वे ही हैं जो सबसे ज्यादा विभिन्न विषयों को पढ़ाने वाले डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्मों से लगातार जुड़े रहते हैं।

उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र अपने अनुभव या विचार सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय या मंत्री को बता सकते हैं। छात्र ऑनलाइन शिक्षा मुहैया कराने वाले इन प्लेटफॉर्मों की कमियों और उनको दूर करने के सुझाव दे सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, इसके अलावा शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ा जायेगा। शिक्षक अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता द्वारा ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने अपना योगदान दें। शिक्षकों के साथ संवाद कर के उनसे इस बारे में सुझाव लिए जायेंगे कि भारत में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली किस तरह की होनी चाहिए। इसके अलावा उनसे यह भी सुझाव लिए जायेंगे कि अभी इसमें क्या क्या कमियां है और पारम्परिक क्लासरूम की पढाई में उन्हें क्या क्या कठिनाई आती है जिसको वे ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली द्वारा दूर कर सकते हैं।

सभी अपने अपने सुझाव एवं विचार सोशल मीडिया जैसे कि ट्वीटर, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पर साझा कर सकते हैं। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर भी यह जानकारी साझा की जा सकती है। निशंक ने कहा, सभी संबंधित व्यक्ति अपने अपने सुझाव एवं विचार ट्वीटर और मायगव की वेबसाइट के द्वारा भी साझा कर सकते हैं। इस अभियान का प्रचार सोशल मीडिया जैसे कि ट्वीटर, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम के साथ साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट के द्वारा होगा।

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