हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा मिल जाएगा। तुलसी के पौधे के खास नियम भी हैं। इसे कब छू सकते हैं और कब नहीं, किस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए और किस दिन नहीं ऐसी कई मान्यताएं हैं। तुलसी का सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई दवाओं में किया जाता है। तुलसी के पत्ते कई बीमारियों में फायदेमंद होते हैं। तुलसी की चाय और काढ़ा सर्दियों में सेहत के लिए अच्छा है। लेकिन इसके लिए तुलसी के पौधे का हरा-भरा रहना जरूरी है। सर्दियों में ठंड की वजह से कई बार तुलसी का पौधा सूख जाता है। अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा ठीक से ग्रो नहीं कर रहा है और सूखने लगता है तो गमले में ये चीजें डाल दें। जानिए सर्दियों में तुलसी के पौधे की कैसे देखभाल करें?
सर्दियों में तुलसी के पौधे की देखभाल
सर्दियों में तुलसी के पौधे की अच्छी देखभाल करने से पौधा सालों साल हरा रहेगा। इसके लिए सबसे पहले पौधे को पानी और धूप सही से मिलती रहे। तुलसी के पौधे के ठंड ज्यादा लगती है तो गमले को खुले आसमान के नीचे न रखें। ऐसी जगह रखें जहां हवा आएं और धूप भी आए लेकिन वो हिस्सा ऊपर से कवर हो। आप कमरे की बालकनी में पौधा रख सकते हैं। अब सर्दियों में बहुत ज्यादा पानी न दें। इससे पौधा गलने लगता है। अगर आप तुलसी के में रोज जल चढ़ाते हैं तो सर्दियों में ऐसा न करें या बहुत कम पानी चढ़ाएं। तुलसी के पौधे की मिट्टी सूखने पर ही पानी डालें।
तुलसी को हरा रखने के टिप्स
नीम का पानी डालें- तुलसी के पौधे के हराभरा बनाए रखने के लिए गमले की मिट्टी में नीम का पानी डाल दें। नीम का पानी डालने से तुलसी के पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है। इससे पत्तियां नहीं सूखती और तुलसी का पौधा सर्दियों में भी हरा बना रहेगा। तुलसी के पौधे में गोबर की खाद न डालें। इससे पौधा खराब हो सकता है। तुलसी के पौधे के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद अच्छी मानी जाती है। सीमित मात्रा में ही खाद डालें नहीं तो पौधा जल सकता है। अगर तुलसी प्लांट सूख रहा है तो गमले की मिट्टी चेक कर लें। तुलसी के पौधे के लिए हल्की रेतीली मिट्टी अच्छी मानी जाती है। तुलसी के पौधे को बीच-बीच में कटाई करते रहें। इससे ग्रोथ अच्छी होती है। पौधे पर आई मंजरी को हटाते रहें। पौधे को तेज धूप में न रखें। ठंड के दिनों में खुले आसमान में पौधे को न रखें।