1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फीचर
  4. फूलों को कैसे पता चलता है कि मौसम बदल रहा है? समझें इसका साइंटिफिक फंडा

फूलों को कैसे पता चलता है कि मौसम बदल रहा है? समझें इसका साइंटिफिक फंडा

 Published : Mar 01, 2024 06:02 pm IST,  Updated : Mar 01, 2024 06:02 pm IST

आपने कभी सोचा है कि फूल और पौधों को कैसे पता चलता है कौन सा मौसम है और कब इन्हें फूल देना है और कब नहीं। तो, आइए आज जानते हैं पौधों के सोचने और समझने की साइंस।

Flowers and sunlight - India TV Hindi
Flowers and sunlight Image Source : SOCIAL

हम सभी के घरों में खूब सारे पेड़-पौधे और फूल आदि हैं। आप सभी ने नोटिस भी किया होगा कि कुछ मौसम में ये पौधे खूब फूल देते हैं तो कुछ मौसम में ये बेजान से पड़े रहते हैं। लेकिन, सोचने वाली बात ये है कि आखिरकार पेड़-पौधों को पता कैसे चलता है कि कौन सा मौसम चल रहा है और उन्हें इनके प्रति कैसे रिएक्ट करना है। आखिर फूलों को कैसे पता चलता है कि वो कब खिल सकते हैं और कब नहीं। तो, इन सबके पीछे असल में ये साइंस है जो कि बताता कि आखिरकार फूलों के फलने-फूलने का मौसम क्या है? जानते हैं इन तमाम चीजों के बारे में विस्तार से।

फूलों को कैसे पता चलता है कि मौसम बदल रहा है?

दरअसल, पौधों के अंदर भी Circadian clock होता जैसी हम इंसानों का बॉडी क्लॉक। ये असल में सूरज की रोशनी के अनुसार यहां से वहां मूव करता रहता है। जैसे कि दिन की लंबाई के अनुसार वो मौसम का पता लगा लेते हैं। ये 24 घंटे की अवधि के दौरान जैविक प्रक्रियाओं को सिंक्रनाइज करती है और पौधों को बताती है कि मौसम अब बदल रहा है।

How do flowers know weather is changing
Image Source : SOCIALHow do flowers know weather is changing

दिल्ली से सिर्फ 334 किलोमीटर दूर है ये हिल स्टेशन, पैराग्लाइडिंग से कायकिंग तक एडवेंचर के लिए है फेमस

फूल कैसे जानते हैं कि कब खिलना है?

वर्ष के कुछ समय में, फूल वाले पौधे अपनी पत्तियों में फ्लावरिंग लोकस टी नामक (Flowering Locus T) एक प्रोटीन का उत्पादन करते हैं जो फूल आने को प्रेरित करता है। एक बार जब यह प्रोटीन बन जाता है, तो यह पत्तियों से शूट एपेक्स तक जाता है, पौधे का एक हिस्सा जहां कोशिकाएं अविभाजित होती हैं, जिसका अर्थ है कि वे या तो पत्तियां या फूल बन सकते हैं।

हल्दी चंदन साथ में लगाने से त्वचा पर होते हैं ये फायदे, बढ़ने लगेगी खूबसूरती आ जाएगा निखार

इनके अलावा पौधे बढ़ते मौसम के अगले चरण के लिए खुद को तैयार करने के लिए तापमान संकेतों का उपयोग करके पर्यावरण के अनुकूल ढल जाते हैं। विकास के विभिन्न चरण जैसे कि बीज का अंकुरण, फूल आना और बीज का जमाव, वर्ष के विशिष्ट समय में सामान्य रूप से अनुभव होने वाले संकीर्ण तापमान रेंज में होने के लिए ठीक-ठाक होते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Features से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल