Honey Benefits: शहद को आयुर्वेद में बहुत गुणकारी माना गया है। कई तरह के घरेलू उपायों में शहद का इस्तेमाल किया जाता है। जो लोग चीनी नहीं खाना चाहते वो मिठास के लिए शहद का इस्तेमाल करते हैं। शहद को दूध में डालकर पीने से ताकत आती है। रोजाना 1-2 चम्मच शहद खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। लेकिन वेट लॉस के लिए शहद खा रहे हैं तो जान लें 1 चम्मच शहद में कितनी कैलोरी होती हैं। शहद खाने से क्या-क्या फायदा हो सकता है।
शहद को नेचुरल स्वीनर माना जाता है, जिसे मधुमक्खी से छत्ते निकालकर तैयार किया जाता है। शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं तो इसके गुणों को कई गुना बढ़ा देते हैं।
1 चम्मच शहद में कितनी कैलोरी होती हैं?
1 चम्मच शहद का मतलब है करीब 20 ग्राम शहद की मात्रा, इसमें 61 कैलोरी होती हैं। 17 ग्राम कार्ब और फैट, प्रोटीन, फाइबर बिल्कुल नहीं होता है। एक चम्मच शहद में बहुत कम न्यूट्रीएंट्स ही शरीर को मिलते हैं, लेकिन शहद में पॉलीफेनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। शहद के मुकाबले 1 चम्मच सफेद चीनी में करीब 49 कैलोरी, 12 ग्राम कार्ब होते हैं।
रोज 1 चम्मच शहद खाने के फायदे
एंटीऑक्सीडेंट- शहद में प्लांट बेस्ड एंटीऑक्सीडेंट फ्लेवोनोइड और फेनोलिक एसिड पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों (ROS) को बेअसर करते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे एजिंग, टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। लेकिन शहद खाने से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।
प्रोसेस्ड शुगर नहीं- शहद में कैलोरी भले ही ज्यादा होती हैं लेकिन प्रोसेस्ड न होने की वजह से इसे फायदेमंद माना जाता है। शहद से ब्लड शुगर बढ़ता है लेकिन इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट मेटाबोलिक सिंड्रोम और टाइप 2 डायबिटीज से बचाने में मदद कर सकते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि शहद एडिपोनेक्टिन हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकता है, जो सूजन को कम करता है और ब्लड शुगर में सुधार लाता है।
हार्ट के लिए फायदेमंद- शहद को हार्ट के लिए अच्छा माना जाता है। स्टडीज में ये पाया गया है कि शहद ब्लड प्रेशर को कम करने, ब्लड में फैट की मात्रा को सुधारने, हार्ट बीट को नियमित रखने और हेल्दी सेल्स को डेड होने से रोकने में मदद कर सकता है। शहद हार्ट को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। कच्चे शहद में आमतौर पर प्रोपोलिस होता है। प्रोपोलिस कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में सुधार कर सकता है।
जलने और घावों को भरने में मददगार- शहद का उपयोग कई दवाओं के रूप में भी किया जाता है। कई आयुर्वेदिक उपायों में जलने के उपचार में इसका उपयोग किया जाता है। गंभीर जलन हो रही तो शहद फायदा कर सकता है। शोधकर्ताओं की मानें तो शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। मुंह में छाले होने पर शहद लगाना फायदेमंद माना जाता है।
खांसी कम करने में असरदार- शहद का इस्तेमाल खांसी को कम करने के लिए भी किया जाता है। बच्चों में खांसी और शहद पर किए गए कई रिसर्च में पाया गया है कि खांसी के लक्षणों के लिए शहद डाइफेनहाइड्रामाइन से ज्यादा असरदार काम करता है। हालांकि 1 साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं खिलाना चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)