Sunday, February 15, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. शरीर में आयरन की कमी के कारण हो सकता है जानलेवा डेंगू: शोध

शरीर में आयरन की कमी के कारण हो सकता है जानलेवा डेंगू: शोध

Written by: India TV Lifestyle Desk Published : Sep 18, 2019 12:24 pm IST, Updated : Sep 18, 2019 12:24 pm IST

शोध के अनुसार जिन लोगों के खून में लौह तत्व (आयरन) की कमी होती है उनसे मच्छरों के जरिये दूसरे लोगों को डेंगू के संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

dengue- India TV Hindi
dengue

डेंगू रोग भारत के लिए ही नहीं पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसके प्रति इतनी जागरूकता फैलाने के बावजूद ये तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। हाल में ही एक शोध सामने आया। इसके अनुसार जिन लोगों के खून में लौह तत्व (आयरन) की कमी होती है उनसे मच्छरों के जरिये दूसरे लोगों को डेंगू के संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

एक अध्ययन में यह दावा करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के दौरान लौह तत्वों का सेवन करने वाले रोगी मच्छरों के काटने से होने वाले इस रोग के प्रसार को बढ़ने से रोक सकते हैं।

अनिल कपूर ने किया डाइट प्लान का खुलासा, जिसका सेवन कर 62 साल की उम्र में हैं इतना फिट

डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर पर चकत्ते पड़ना और तेज दर्द होना शामिल हैं। डेंगू के कुछ मामलों में रोगी का सही समय पर इलाज नहीं होने से मौत तक हो जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार हर साल डेंगू के करीब 39 करोड़ मामले आते हैं और इसका प्रकोप अब अफ्रीका, अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र के 100 से अधिक देशों में है।

नेचर माइक्रोबायोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार डेंगू के जिन रोगियों के रक्त में आयरन का स्तर अधिक होता है उनका रक्त चूसने वाले मच्छरों के जरिये आगे वायरस का संक्रमण होने की आशंका कम होती है।

Health Tips: सुबह की चाय पीते वक्त क्या आप भी करते हैं ये 4 गलतियां

अमेरिका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय के पेंघुआ वांग के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि क्या डेंगू रोगी के रक्त की गुणवत्ता का डेंगू वायरस के प्रसार पर असर होता है। उन्होंने स्वस्थ कार्यकर्ताओं के रक्त के नमूने लिये और हर नमूने में डेंगू के वायरस को डाला। जब उन्होंने मच्छरों को इस रक्त का सेवन कराया और देखा कि हर बैच में से कितने मच्छर संक्रमित हुए हैं तो उन्हें परिणामों में कई अंतर दिखाई दिये।

वांग और उनके सहयोगियों को पता चला कि नतीजों में यह अंतर रक्त में आयरन की मात्रा से जुड़ा था। वांग ने कहा, ‘‘खून में अधिक लौह तत्व होने पर कम संख्या में मच्छर संक्रमित हुए।’’

अनुसंधानकर्ताओं ने चूहों पर इस प्रयोग को करके भी इसी तरह के परिणाम प्राप्त किये। उन्होंने देखा कि रक्ताल्पता से ग्रस्त चूहों का रक्त चूसने वाले मच्छरों को वायरस का संक्रमण होने की संभावना अधिक थी। अध्ययन दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मच्छरों की प्रतिरोधी प्रणाली के कारण ऐसा हो रहा है। भा

Latest Lifestyle News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल

Advertisement
Advertisement
Advertisement