हेल्थ डेस्क: पशुओं के बच्चों की तस्वीरें देखने से लोगों की मांसाहार खाने की इच्छा कम होती है। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर ऐसी तस्वीरों का असर ज्यादा होता है।
Related Stories
पशु अधिकार समूह अक्सर मेमनों और बछड़ों की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस बात के ज्यादा सबूत नहीं थे कि उनके अभियान पर इनका क्या असर पड़ता है।
ब्रिटेन में लंकास्टर विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के मनोचिकित्सकों ने महिलाओं तथा पुरुषों को बछड़ों, कंगारूओं के बच्चों, सूअर के बच्चों और मेमनों की तस्वीरें दिखाई और यह जांच की कि क्या इससे मांस खाने की उनकी इच्छा पर कोई असर पड़ा। (Good News! कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में हल्दी का सत कारगर )
शोधकर्ताओं ने कहा, ''हमने पाया कि पुरुषों और महिलाओं दोनों को पशुओं के बच्चे बहुत प्यारे लगे और उनमें बच्चों के प्रति स्नेह का भाव आया।''
हालांकि पुरुषों और महिलाओं में ये सकारात्मक भावनाएं अलग-अलग तरह से आई। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की मांसाहार की इच्छा पर कम असर पड़ा।
लंकास्टर विश्वविद्यालय की जारेड पियाजा ने बताया कि ऐसा इसलिए हो सकता है कि आज भी महिलाओं की भूमिका देखरेख करने वाली की होती है। (Liver में होगी किसी भी तरह की बीमारी तो शरीर में दिखेंगे ये लक्षण, इस तरह करें बचाव)
उन्होंने बताया कि शोध में पता चला कि महिलाओं का बच्चों के प्रति भावनात्मक लगाव ज्यादा होता है और उनमें पशुओं के बच्चों के प्रति सहानुभूति पैदा हो जाती है।