
टाइप-।। (इंसुलिन अनाश्रित मधुमेह)(Type II diabetes)
लगभग 90% मधुमेह रोगी टाइप-।। डायबिटीज के ही रोगी हैं। इस रोग में अग्नाशय इंसुलिन बनाता तो है परंतु इंसुलिन कम मात्रा में बनती है। इस प्रकार के मधुमेह में जेनेटिक कारण भी महत्वपूर्ण हैं। कई परिवारों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी पाया जाता है। यह वयस्कों तथा मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में धीरे-धीरे अपनी जड़े जमा लेता है। अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह फेडरेशन ऑफ इंडिया से पता चलता है कि टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या 40,900,000 के आसपास है जो सबसे अधिक है।
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