1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. एक-तिहाई महिलाएं नहीं कराती हैं पैप स्मीयर Cancer की जांच: रिसर्च

एक-तिहाई महिलाएं नहीं कराती हैं पैप स्मीयर Cancer की जांच: रिसर्च

 Edited By: IANS
 Published : Jan 23, 2018 11:20 am IST,  Updated : Jan 23, 2018 11:20 am IST

एक तिहाई महिलाएं सरवाइकल कैंसर की जांच के दौरान यौन अंगों को दिखाने की शर्मिदगी से बचने के लिए इनसे बचती हैं।

cancer- India TV Hindi
cancer

नई दिल्ली: एक तिहाई महिलाएं सरवाइकल कैंसर की जांच के दौरान यौन अंगों को दिखाने की शर्मिदगी से बचने के लिए इनसे बचती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में कैंसर से मरने वाली महिलाओं में चौथा सबसे बड़ा कारण गर्भाशय ग्रीवा में होने वाला सर्वाइकल कैंसर है। 

सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए 'स्मीर परीक्षण' करना पड़ता है जिसमें नियमित रूप से पेणू का परीक्षण कर नमूना एकत्रित कर उसकी जांच की जाती है। 21 से 29 वर्ष की महिलाओं के लिए इस परीक्षण की सिफारिश की जाती है। प्रति तीन वर्ष में कराए जाने वाले इस परीक्षण से कैंसर के मामलों में 75 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।

बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में कैंसर के खिलाफ काम करने वाली एक संस्था 'जो सर्वाइकल कैंसर ट्रस्ट' द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक 35 प्रतिशत युवतियां स्मीर परीक्षण के दौरान यौन अंगों को डॉक्टर के सामने दिखाने से बचने के लिए इस परीक्षण से परहेज करती हैं।

संस्था ने 2017 महिलाओं पर सर्वे करके यह परिणाम निकाला। इस दौरान दो-तिहाई महिलाओं में इसके लिए जागरुकता की कमी पाई गई। संस्था के सदस्य रॉबर्ट म्यूजिक ने कहा कि जीवन रक्षक परीक्षण कराने के लिए किसी शर्म का अनुभव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सहज महसूस कराने के लिए पेशेवर नर्से इस क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

Latest Health News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल