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मेहनत के बाद भी जब मनुष्य को ना मिले सफलता तो पेड़ की तरह बर्ताव करना ही समझदारी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 03, 2021 06:26 am IST,  Updated : Feb 03, 2021 07:18 pm IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार मेहनत पर आधारित है। 

'जब मेहनत करने के बाद भी सपने पूरे नहीं होते तो रास्ते बदलिए सिद्धान्त नहीं, क्योंकि पेड़ भी हमेशा पत्ते बदलता है जड़ नहीं।' आचार्य चाणक्य 

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य को हमेशा अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करते रहना चाहिए। ऐसा करने वाला मनुष्य ही सफलता की ओर अग्रसर होता है। असल जिंदगी में कई बार ऐसा होता है कि मनुष्य अपने लक्ष्य को पाने के लिए कितनी भी मेहनत क्यों ना कर लें, लेकिन वो मुकाम हासिल नहीं कर पाता जो उसे चाहिए होता है। ऐसा होने पर मनुष्य निराश हो जाता है। साथ ही ऐसे रास्ते पर चल पड़ता है जो सही नहीं होता। 

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ऐसा करने के पीछे का मकसद मनुष्य की निराशा होती है। उसे लगता है कि जब कड़ी मेहनत करने के बाद भी उसे अपना लक्ष्य नहीं मिला तो क्यों ना अपने मुकाम को हासिल करने के लिए गलत रास्ता ही पकड़ लो। उस वक्त उसे इस बात का अहसास नहीं होता कि गलत रास्ता कुछ वक्त के लिए खुशी दे सकता है लेकिन सुकून सिर्फ और सिर्फ सही रास्त ही देता है। 

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आचार्य चाणक्य का कहना है कि जब पतझड़ का मौसम आता है तो पेड़ से पुरानी पत्तियां झड़ जाती हैं। इसके बाद उसमें नई पत्तियां निकलती है। ये एक नैचुरल प्रक्रिया है। इससे घबराना नहीं चाहिए। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि जब मेहनत करने के बाद भी सपने पूरे नहीं होते तो रास्ते बदलिए सिद्धान्त नहीं, क्योंकि पेड़ भी हमेशा पत्ते बदलता है जड़ नहीं। 

 

 

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