देश भर में छठ पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। आज निकलते हुए सूर्य को अर्घ्य देते ही इस महापर्व का समापन हो गया है। इसलिए देश के विभिन्न शहरों में श्रद्धालु सुबह से ही घाटों व कृत्रिम सरोवरों पर एकत्र हो गए थे।
लोकआस्था का महापर्व छठ 4 दिन तक चलता है। सोमवार को नहाए खाए से पूजा की शुरुआत हुई थी। मंगलवार को खरना की पूजा हुई। खरना के दिन छठ करने वाली महिलाएं उपवास रखती हैं। वहीं तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है । तीसरे दिन भी व्रत रखने वाली 'व्रती' उपवास रखती हैं और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूजा का समापन हो जाता है।
श्रद्धा भाव से किये गये छठ के व्रत से संतान सुख की प्राप्ति होती है और जिनकी पहले से संतान है, उनकी संतान को लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है, साथ ही छठ का व्रत करने वाले व्यक्ति को धन्य-धान्य की प्राप्ति होती है और उसका जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रहता है।





