1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. आज है पुष्य नक्षत्र, इस दिन कुछ ऐसे करें भगवान सूर्य की पूजा होगी धन की प्राप्ति

आज है पुष्य नक्षत्र, इस दिन कुछ ऐसे करें भगवान सूर्य की पूजा होगी धन की प्राप्ति

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : May 20, 2018 10:29 am IST,  Updated : May 20, 2018 10:38 am IST

षष्ठी के दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विधान है। साथ ही कल रविवार के दिन रात 10:45 तक सारे काम सिद्ध करने वाला रवि योग रहेगा। इसके अलावा पुष्य नक्षत्र पड़ने से कल का दिन और भी खास हो गया है। वैसे तो पुष्य नक्षत्र सप्ताह के किसी भी वार को पड़ सकता है और हर दिन यह शुभ ही माना जाता है, लेकिन रविवार के दिन पड़ने पर पुष्य नक्षत्र और भी शुभफलदायी होता है।

भगवान सूर्य की पूजा- India TV Hindi
भगवान सूर्य की पूजा

धर्म डेस्क: षष्ठी के दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विधान है। साथ ही कल रविवार के दिन रात 10:45 तक सारे काम सिद्ध करने वाला रवि योग रहेगा। इसके अलावा पुष्य नक्षत्र पड़ने से कल का दिन और भी खास हो गया है। वैसे तो पुष्य नक्षत्र सप्ताह के किसी भी वार को पड़ सकता है और हर दिन यह शुभ ही माना जाता है, लेकिन रविवार के दिन पड़ने पर पुष्य नक्षत्र और भी शुभफलदायी होता है।

पुष्य का अर्थ होता है- पोषण करने वाला । इस नक्षत्र के दौरान कोई शुभ कार्य या किसी नए सामान की खरीदारी करना अच्छा माना जाता है। साथ ही रवि पुष्य नक्षत्र जड़ी-बूटी या पेड़-पौधों से संबंधित तांत्रिक उपाय, यानी सिस्टेमेटिक उपाय करने के लिये बड़ा ही प्रशस्त है।

आपको बता दूं कि कल, यानी 20 मई को रवि योग की तरह रवि पुष्य नक्षत्र भी रात 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। अतः कल पूरा दिन पार करके रात 10:45 तक आप अपनी विभिन्न इच्छाओं की पूर्ति के लिये जड़ी-बूटी अथवा पेड़-पौधों द्वारा तांत्रिक उपाय कर सकते हैं, कार्य सिद्ध जरूर होंगे। जड़ी-बूटियों को प्राप्त करने का सही तरीका क्या है, जड़ी- बूटियों को प्राप्त करने के दौरान कौन-सी सावधानियां बरती जानी चाहिए और उनका सही

उपयोग किस प्रकार करना है, आज हम इसकी चर्चा करेंगे। आप सोच रहे होंगे कि रवि पुष्य नक्षत्र तो कल है, तो हम आपको आज ही इस सबके बारे में क्यूं बता रहे हैं। दरअसल किसी भी जड़ी-बूटी को अपनी कार्य सिद्धि के लिये यूं ही प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उसे प्राप्त करने के लिये पहले उस जड़ी-बूटी को निमंत्रण देना पड़ता है। फिर विधि-पूर्वक, आदरसहित उस जड़ी-बूटी को घर लाया जाता है और बाद में उसे उपयोग में लिया जाता है।

अतः कल रवि पुष्य नक्षत्र में जड़ी-बूटियों को प्राप्त करने के लिये आज ही विधि-पूर्वक उन्हें निमंत्रण देकर आना होगा, ताकि कल आप उन जड़ी-बूटियों का उचित प्रयोग कर सकें। तो आज के दिन किस प्रकार जड़ी-बूटियों को निमंत्रण देना है, ये तो हम आपको बतायेंगे ही, लेकिन उसकी चर्चा से पहले हम आपको बता दें कि आज के दिन विभिन्न राशि वालों को अलग-अलग शुभ फलों की प्राप्ति के लिये किस जड़ी-बूटी को निमंत्रण देकर आना चाहिए।

राशियों की चर्चा से पहले यहां आपको एक महत्वपूर्ण बात और बता दूं कि अगर आपको अपने आस-पास कोई पेड़-पौधा या जड़ी-बूटी न मिले तो आप इंटरनेट से उसकी फोटो डाउनलोड करके, उसे ही वास्तविक पेड़ मानते हुए निमंत्रण दे सकते हैं और अगले दिन उपाय में प्रयोग होने वाली इन जड़ी-बूटियों को या उनसे जुड़ी किसी अन्य चीज़ को आप किसी पंसारी के यहां से ले सकते हैं। पंसारी के यहां पर जड़ी-बूटियों से संबंधित चीज़ें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल