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"गरीब की लुगाई, पूरे शहर की भौजाई, यही हाल है हमारा", बाबा बागेश्वर ने ऐसा क्यों कहा?

 Reported By: Anurag Amitabh Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Jul 01, 2025 09:18 pm IST,  Updated : Jul 01, 2025 09:25 pm IST

बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने आलोचकों को एक बार फिर जवाब दिया है। उन्होंने कहा, 'गरीब की लुगाई, पूरे शहर की भौजाई, यही हाल हमारा है।'

Dhirendra krishna Shastri- India TV Hindi
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री Image Source : PTI/FILE

भोपाल: बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, 'यह हमारी समझ से परे है। गांव की कहावत है कि गरीब की लुगाई, पूरे शहर की भौजाई, यही हाल हमारा है। सीधा साधा जानकर हमें इस तरीके से लोग कहते हैं, हनुमान जी की इच्छा होगी। साधु के पास कुछ होता नहीं, हमें अपनी औकात पता है। साधु समाज से लेता है, समाज को सौंप देता है, यह बुराई नहीं है।'

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'हमने देश को व्यसन मुक्त करने के लिए, संस्कारवान बनने के लिए एकता के लिए प्रेरित किया, उसके लिए हमें गालिया मिलीं। लोग हमें दक्षिणा देते हैं तो हम उसे सदुपयोग में लगा देते हैं। हमने मदिरालय नहीं खोला। हमने देश को गुटका के लिए प्रोत्साहित नहीं किया। मदिरा पीने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया।'

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'खटकने वालों को खटकेगा, अस्पताल न बनाने से बेहतर होगा, बनाना। किसी से ईंट लेंगे, किसी से सीमेंट, सरिया, दवाइयां और किसी से मेडिसिन, मशीनों की व्यवस्था लेंगे। हमें लगता है कि हम जो काम कर रहे हैं, भला कर रहे हैं। इसलिए लोग बोल रहे हैं। हम बहुत ज्यादा उन पर ध्यान नहीं देते।'

इस देश में दारु सस्ती है, दवा महंगी है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'इस देश में दारु सस्ती है, दवा महंगी है। इसलिए लोग परेशान हैं। ओझा, तांत्रिक और दूसरे मजहब के लोगों के पास जाते हैं तो धर्मांतरण होता है। यह खर्च हम नहीं करते, हमें लोगों से दक्षिण मिलती है, हम खर्च कर देते हैं। इस दुनिया में दूध का धुला कोई नहीं है। नेता साधु को भी मिलता है, हमें भी मिलता है। 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'कपड़े, चश्मा भक्तों ने दिए, हमने स्वीकार किया। शंकराचार्य, नेता, अभिनेता भी स्वीकार करते हैं, हमने किया तो बवाल मच जाता है। चमत्कार देखना है तो आ जाओ, हम अर्जी लगा देते हैं। हमारा दरबार लगाने का उद्देश्य चमत्कार दिखाना नहीं है। बर्थडे पर हमको कोई गिफ्ट ना दें, सिर्फ एक ईंट ही दे दें, कमरे बन जाएंगे।'

 7 नवंबर से 16 नवंबर तक सड़कों पर उतरेंगे: शास्त्री

बाबा बागेश्वर ने कहा कि हम फिर सड़क पर आएंगे और 7 नवंबर से 16 नवंबर तक सड़कों पर उतरेंगे। देश में सबसे बड़ी कोशिश हिन्दू को बांटने की हो रही है। कास्टवाद की जगह राष्ट्रवाद पर बात होगी। कास्टवाद की लड़ाई हम खुलकर लड़ेंगे।

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