मुंबई: पीएम मोदी द्वारा सरकारी खर्च में कटौती एवम ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई में दो हाईलेवल मीटिंग की और कई अहम निर्देश जारी किए। इन बैठकों में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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गाड़ियों की संख्या तत्काल प्रभाव से होगी आधी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से आधी की जाएगी। राज्य से बाहर के दौरों में तय सीमा से ज्यादा गाड़ियां शामिल नहीं होंगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस कमिश्नल या एसपी की होगी।
मंत्रियों-अधिकारियों के विदेश दौरे पर रोक
इसके साथ ही राज्य सरकार ने फिलहाल मंत्रियों और अधिकारियों के विदेशी दौरों पर रोक लगाने का फैसला किया है। जब तक बहुत जरूरी न हो सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। इसके बजाय रेग्युलर फ्लाइ्टस का इस्तेमाल करने का निर्देश दिए गए हैं। यानी सरकारी कामों में बहुत जरूरी होने पर ही हेलीकॉप्टर या विमानों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सीएम फडणवीस ने मंत्रियों और अधिकारियों को मेट्रो समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करने को कहा है। पहले चरण में सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग प्रयोग के तौर पर अपनाया जाएगा। इसके अलावा ज्यादातर मीटिंग्स को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिकारियों को बार-बार मुंबई न बुलाना पड़े।
विभागों को आवंटित वाहनों की भी समीक्षा
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को आवंटित सरकारी वाहनों की भी समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को सभी सरकारी वाहनों का ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक और पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की अलग-अलग जानकारी मांगी गई है।
शिंदे ने इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू किया
उधर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। उनके काफिले में पहले 15 से 17 गाड़ियां रहती थीं, जिन्हें घटाकर करीब 7 कर दिया गया है। वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले ने कहा कि वे पहले से ही प्राइवेट हाइब्रिड कार का उपयोग करते हैं और अब उनके काफिले में केवल दो गाड़ियां रहेंगी। ऊर्जा बचत के लिए अनावश्यक होर्डिंग और फ्लेक्स के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। साथ ही डेकोरेटिव लाइटिंग के उपयोग पर भी नियंत्रण रखा जाएगा।
अगर महाराष्ट्र कैबिनेट की बात करें तो मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 42 मंत्री हैं। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के काफिलों में पहले 10 से 15 गाड़ियां रहती थीं, जिनकी संख्या अब आधी तक कम की जा रही है। बाकी मंत्रियों के काफिलों में औसतन 5 से 7 गाड़ियां शामिल रहती हैं। अनुमान के मुताबिक मंत्रियों के काफिलों में कुल 250 से 300 गाड़ियां इस्तेमाल होती हैं।
एक गाड़ी पर रोजाना कितना खर्च?
एक गाड़ी पर रोजाना पेट्रोल-डीजल का खर्च करीब 1500 से 3000 रुपये तक आता है। इसी आधार पर काफिलों पर रोजाना लगभग 4 से 6 लाख रुपये, महीने में करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये और सालाना करीब 18 से 20 करोड़ रुपये ईंधन पर खर्च होते हैं। अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के इस्तेमाल और काफिलों में कटौती से यह खर्च लगभग आधा होने का अनुमान है। सरकार को सालाना 8 से 9 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है।