महाराष्ट्र के गोंदिया में गांव के लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए दो युवकों को बाढ़ के बीच फंसे पिकअक से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ये दोनों लोग पिकअप में सवार होकर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा और पिकअप बहने लगा। हालांकि, थोड़ी ही दूरी पर एक चट्टान से टकराकर रुक गया। ऐसे में दोनों युवक पिकअप के ऊपर खड़े हो गए। इसके बाद ग्रामीण लोगों ने रस्सी के सहारे दोनों का रेस्क्यू कर जान बचा ली।
घटना सालेकसा तहसील के जांभड़ी गांव की है। यहां उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक पिकअप वाहन अचानक तेज बहाव में फंस गया। यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, लेकिन ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
बेवरटोला बांध से छोड़ा गया पानी
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील से सटे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश हो रही है। बारिश का दबाव इतना बढ़ा कि महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर बने बेवरटोला बांध से पानी छोड़ा गया। नतीजा ये हुआ कि कुआधास नाले में अचानक पानी का जल स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया और नाला 4 फीट पानी ऊपर बहने लगा। इसी बीच, जांभड़ी गांव के पास बने पुल से एक पिकअप वाहन गुजर रहा था, लेकिन नाले की तेज धार में वाहन संतुलन खो बैठा और बहने लगा। वाहन में ड्राइवर और क्लीनर सवार थे। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी और तेज बहाव ऐसे में दोनों की जान खतरे में पड़ गई।
चट्टान में फंसे पिकअप से रेस्क्यू
पिकअप गाड़ी नाले में मौजूद एक चट्टान पर जाकर अटक गई। ऐसा नहीं होता तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सियां डालीं और नाले के दोनों किनारों से एकजुट होकर बचाव अभियान छेड़ दिया। कई मिनटों की मशक्कत, साहस और टीमवर्क के बाद आखिरकार दोनों युवकों को रस्सों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।