महाराष्ट्र: पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर किनी गांव के पास सोमवार रात एक वारदात सामने आई। मुंबई जा रही एक निजी ट्रैवल्स बस को हथियार के बल पर रोककर लुटेरों ने ढाई करोड़ रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। हालांकि, कोल्हापुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर गिरोह का पर्दाफाश कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना सोमवार रात की है, जब दशरथ शामराव बोबड़े की 'न्यू अंगड़िया सर्विस' का कीमती पार्सल लेकर अशोका ट्रैवल्स की बस कोल्हापुर से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। पार्सल की सुरक्षा के लिए मच्छिंद्र नामदेव बोबड़े भी बस में सवार थे। जैसे ही बस तावड़े होटल के पास पहुंची, तीन संदिग्ध यात्री बस में सवार हुए। उन्होंने अपने चेहरे रुमाल से ढक रखे थे। बस जब वठार गांव के पास पहुंची, तो इन तीनों ने अपना असली रंग दिखाया।
डिग्गी से उड़ाया करोड़ों का माल
तीनों लुटेरे ड्राइवर के केबिन में घुस गए। लोहे की रॉड दिखाकर ड्राइवर को जान से मारने की धमकी दी। किनी गांव के पास जबरन बस रुकवाई। जैसे ही बस रुकी, पीछे से दोपहिया वाहनों पर सवार तीन अन्य साथी वहां पहुंच गए। बस के भीतर मौजूद लुटेरों और बाहर से आए साथियों ने मिलकर बस की डिग्गी खोल दी। लुटेरों ने वहां रखा पार्सल लूट लिया, जिसमें शामिल था-
- 60 किलो चांदी
- 10 ग्राम सोना
- 1.25 करोड़ रुपये के मशीन स्पेयर पार्ट्स
पुलिस की सुपरफास्ट कार्रवाई
लूट के कुल माल की कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वारदात के बाद घबराया हुआ ड्राइवर बस को किनी टोल बूथ तक ले गया और पेठ वड़गांव पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अपराध शाखा की टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने तावड़े होटल से लेकर किनी टोल नाका तक के तमाम सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि विक्रमनगर निवासी अक्षय कदम इस अपराध में शामिल है। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी कर उसे लूट के माल के साथ धर दबोचा। अक्षय से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और टेंबलाई मंदिर परिसर से गिरोह के अन्य छह सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
(रिपोर्ट- समीर मुजावर)
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