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डोनाल्ड ट्रंप और पूरी टीम ने चीन से मिले सारे गिफ्ट्स और बैज वहीं कूड़ेदान में फेंक दिए, ऐसा क्या हो गया

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : May 16, 2026 07:06 pm IST,  Updated : May 16, 2026 07:06 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी टीम के साथ चीन की दो दिवसीय यात्रा पर गए थे। वहां शी जिनपिंग के साथ अहम मुद्दों पर बातचीत के बाद जब अमेरिका लौटने लगे तो सभी लोगों ने चीन से मिले सारे गिफ्ट्स वहीं कूड़ेदान में डाल दिए। जानें क्या थी वजह?

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग Image Source : PTI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्यापार और दुर्लभ खनिजों पर ठोस समझौते हासिल करने की बड़ी उम्मीदों के साथ चीन आए थे। सोयाबीन और बोइंग विमानों पर हुए समझौतों के अलावा, ट्रंप बीजिंग से खाली हाथ लौटे। शुक्रवार को ट्रंप और उनकी टीम अपने एयर फ़ोर्स वन विमान में बिना किसी चीनी गिफ्ट्स के बीजिंग से रवाना हुए। यहां तक ​​कि कोई स्मृति चिन्ह भी साथ नहीं ला पाए। इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस के कर्मचारियों और अमेरिकी पत्रकारों सहित अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को जो भी उपहार चीन की तरफ से दिए गए थे,  सभी ने उन उपहारों को विमान के पास रखे कूड़ेदान में फेंक दिया।

जानें इसके पीछे की क्या वजह है

हालांकि अमेरिका के लिए यह कोई नई बात नहीं थी। बीजिंग में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पीढ़ियों से इसी तरह की रणनीति अपनाते आ रहे हैं। इस बार यह सब सबके सामने हुआ, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों द्वारा दी गई हर चीज को फेंक दिया। इसमें नकली फोन, बैज, प्रेस के निमंत्रण पत्र और यादगार वस्तुएं शामिल थीं। 

यह जानकारी न्यूयॉर्क पोस्ट की व्हाइट हाउस संवाददाता एमिली गुडिन ने दी। उन्होंने ट्वीट किया, "अमेरिकी कर्मचारियों ने चीनी अधिकारियों द्वारा दी गई हर चीज़ - पहचान पत्र, व्हाइट हाउस के कर्मचारियों के बर्नर फोन, प्रतिनिधिमंडल के लिए पिन - ले ली और AF1 में चढ़ने से पहले उन्हें इकट्ठा करके सीढ़ियों के नीचे एक कूड़ेदान में फेंक दिया। विमान में चीन से कुछ भी लाने की अनुमति नहीं थी।"

 ट्रंप ने चीन में छोड़ा अपना बर्नर फोन

दरअसल, जासूसी और साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताएं अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का मूल कारण रही हैं। वाशिंगटन रवाना होने से पहले, ट्रंप ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन एक-दूसरे की जासूसी करते हैं। ये सावधानियां केवल प्रस्थान तक ही सीमित नहीं थीं। ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल, जिसमें एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग और एलोन मस्क शामिल थे, ने चीन की यात्रा से पहले अपने निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अमेरिका में ही छोड़ दिए थे। ऐसा उन्होंने संभावित हैकिंग से बचाव के लिए किया था।

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