महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव का आयोजन होने जा रहा है। हालांकि, चुनाव से पहले ही मुंबई कांग्रेस में विवाद काफी बढ़ गया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ के खिलाफ मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एकजुट हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को मुंबई कांग्रेस की तरफ से आगामी बीएमसी चुनाव के लिए एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति में मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली जिस वजह से पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता नाराज हो गए।
किन नेताओं को नहीं मिली जगह?
नई चुनाव कमेटी में सांसद चंद्रकांत हंडोरे, विधायक भाई जगताप, चरणसिंह सप्रा, नसीम खान सहित कई अन्य नेताओं को जगह नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वर्षा गायकवाड़ की शिकायत MPCC प्रभारी रमेश चेन्नीथला से की है। दिल्ली आलाकमान को भी इस नाराजगी की जानकारी दी गई है।
क्या है वरिष्ठ नेताओं का आरोप?
वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि "वर्षा गायकवाड़ मनमानी कर रही हैं। बीएमसी चुनाव के लिए जो कमेटी बनाई गई है उसमें वर्षा गायकवाड़ ने अपने करीबी लोगों को जगह दी है। ज्यादातर नेता अनुभवहीन हैं। वर्षा गायकवाड़ को अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही मुंबई कांग्रेस लगभग निष्क्रिय हो गई है। कार्यकर्ताओं के पास कोई कार्यक्रम नहीं है। कभी लोगों से गुलजार रहने वाला मुंबई कांग्रेस का दफ्तर अब सुना-सुना रहता है। वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई कांग्रेस को सिर्फ धारावी तक सीमित कर दिया है।"

वर्षा गुट ने मामले पर क्या कहा?
वहीं वर्षा गुट का कहना है कि "चुनाव के लिए कई और कमेटियों का गठन किया जाएगा, जिसमें अन्य नेताओं का जगह मिलेगी। अभी जो कमेटी बनी है वह मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कमेटी है जो बीएमसी चुनाव के दौरान वार्ड रचना के लिए सुझाव या आपत्ती दर्ज़ कराने, पार्टी के प्रचार की रुपरेखा तय करने सहित अन्य मुद्दों पर काम करेगी।"
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