NEET परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव के चलते एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। पिता ने पुलिस को दिए एक बयान में यह कहा है। पिता ने यह भी कहा है कि उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है, और न ही उन्हें अपनी बेटी की मौत को लेकर कोई शिकायत है। मामला महाराष्ट्र के लातूर तालुका के गोंडेगांव गांव का है। यहां एक छात्रा ने NEET परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। यह जानकारी छात्रा के पिता द्वारा इस मामले में गेटगांव पुलिस स्टेशन को दिए गए बयान से सामने आई है।
मानसिक तनाव में थी छात्रा
दरअसल, अशोक विट्ठल सोनवणे द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, उनकी बेटी मैथिली ने इस साल 12वीं की परीक्षा 51.50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। वह डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसने CET परीक्षा भी दी थी। पेपर लीक घोटाले का मामला सामने आने के बाद NEET परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके परिणामस्वरूप, मैथिली गहरे मानसिक तनाव में चली गई। अपने बयान में, उसके पिता ने बताया कि वह लगातार अपनी चिंता जाहिर करती रहती थी और कहती थी, "मैंने अच्छी पढ़ाई की थी, और परीक्षा भी अच्छी गई थी; लेकिन अब क्या होगा?"
पिता ने दर्ज कराया बयान
16 मई की सुबह करीब 8:30 बजे, जब मैथिली घर के अंदर नहीं मिली, तो उसके परिवार वालों ने उसे ढूंढना शुरू किया। बाद में वह अपने खेत में एक नीम के पेड़ से लटकी हुई मिली; उसने आत्महत्या करने के लिए एक दुपट्टे का इस्तेमाल किया था। उसके परिवार वाले तुरंत उसे नीचे उतारकर मुरुड के सरकारी अस्पताल ले गए; लेकिन डॉक्टरों ने वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, पुलिस ने पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में गोंडेगांव गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस को दिए अपने बयान में, पिता अशोक सोनवणे ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है, और न ही उन्हें अपनी बेटी की मौत को लेकर कोई शिकायत है।
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