इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए महाराष्ट्र सरकार नए प्रस्तावित नियम (ड्राफ्ट नियम) लेकर आई है। यानी सरकार अब राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी में है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस ड्राफ्ट नियमों का नोटिफिकेशन जारी करते हुए सरकार ने 5 जून तक हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। 22 मई को "महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम, 2025" नाम से एक सरकारी संकल्प (जीआर) के हिस्से के रूप में जारी किए गए इस ड्राफ्ट नियमों का मकसद मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत टू व्हीलर टैक्सी सेवाओं के डिजिटल एग्रीगेटर्स और ऑपरेटरों को रेगुलेट करना है।
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इलेक्ट्रिक-बाइक टैक्सियों की शुरुआत को मंजूरी
खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र कैबिनेट ने बीते 1 अप्रैल को कम से कम एक लाख की आबादी वाले शहरों के लिए इलेक्ट्रिक-बाइक टैक्सियों की शुरुआत को मंजूरी दी है। इसका मकसद मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में 10,000 से ज्यादा और राज्य के बाकी हिस्सों में 10,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करना है। आपको बता दें, बाइक टैक्सी सर्विस एक सवारी के लिए होती है, जो यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए मोटरसाइकिल या दूसरे दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करती है।
ऐसे ऑपरेटरों को ही काम करने की मिलेगी अनुमति
महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग की तरफ से जारी किए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सिर्फ 50 इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियों के बेड़े वाले लाइसेंसधारी ऑपरेटरों को ही काम करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए शर्त यह भी है कि टू व्हीलर महाराष्ट्र में रजिस्टर होना चाहिए और इंश्योरेंस, फिटनेस और परमिट मानदंडों का अनुपालन करना चाहिए। नियमों में जीपीएस ट्रैकिंग, यात्रियों के लिए क्रैश हेलमेट और महिलाओं के लिए विशेष ड्राइवर विकल्प और 24x7 कंट्रोल रूम जैसे सुरक्षा उपायों का सेट अप जरूरी है। साथ ही ऑपरेटरों को शिकायत निपटान सिस्टम बनाए रखने और ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने की भी जरूरत होगी।
₹5 लाख की सुरक्षा जमा राशि और ₹1 लाख का आवेदन शुल्क
नोटिफिकेशन में स्पष्ट कहा गया है कि लाइसेंसधारी को पर्याप्त मैनपावर के साथ 24 x 7 कंट्रोल रूम बनाए रखना होगा। संबंधित प्राधिकरण से लाइसेंस हासिल करने के बाद व्यक्ति या साझेदारी फर्म या कोई भी रजिस्टर्ड कंपनी बाइक टैक्सी एजेंसी के कारोबार में शामिल हो सकती है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, लाइसेंस देने या इसके रिन्युअल के लिए आवेदकों से 5 लाख रुपये की सुरक्षा जमा राशि और 1 लाख रुपये का आवेदन शुल्क लिया जाएगा। लाइसेंस पांच साल के लिए वैध होगा।
यात्रा की दूरी 15 किलोमीटर तय
ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, सड़क पर टैक्सी चलाने पर रोक लगाई गई है और पीले रंग की बाइक पर रिफ्लेक्टिव 'बाइक टैक्सी' साइनेज जरूरी किया गया है। साथ ही यात्रा की दूरी 15 किलोमीटर तय की गई है। बाइक चालकों के पास कॉमर्शियल लाइसेंस होना चाहिए और उनकी आयु 20 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। लाइसेंसधारी चालकों की गुणवत्ता, उनके पुलिस सत्यापन और यात्रियों के साथ आचरण के लिए जिम्मेदार होगा। पुलिस सत्यापन ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्युअल के समय और भर्ती के समय किया जाएगा।
2 लाख रुपये का बीमा कवरेज का प्रावधान
लाइसेंसधारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक हर तीन महीने में सुरक्षा प्रशिक्षण लें, सड़क पर टैक्सी चलाने वालों से यात्रियों को न उठाएं, आठ घंटे से अधिक काम न करें और महिला चालकों की व्यक्तिगत संपर्क जानकारी यात्रियों के साथ साझा न करें। ड्राफ्ट नियम क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को किराया सीमा निर्धारित करने और अतिरिक्त स्थानीय शर्तें लगाने का अधिकार देता है। इसमें यह भी कहा गया है कि सेवा प्रदाताओं को चालक और यात्री की आकस्मिक मृत्यु के मामले में 2 लाख रुपये का बीमा कवरेज प्रदान करना चाहिए।
महिला यात्रियों के लिए महिला चालक चुनने की सुविधा
नए प्रस्तावित नियमों में कहा गया है कि बाइक टैक्सी सेवा प्रदाता अपने ऐप में महिला यात्रियों के लिए महिला चालक चुनने की सुविधा प्रदान करेंगे, जिससे सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि बाइक टैक्सी की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए और चालक और यात्री के बीच एक विभाजक होना चाहिए। सेवा प्रदाता को यात्रियों के लिए बरसात के मौसम में सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहिए।