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राजकोषीय घाटे का 3.2 प्रतिशत लक्ष्‍य है व्‍यावहारिक, राजस्‍व संग्रहण में आएगा सुधार

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Feb 08, 2017 06:33 pm IST,  Updated : Feb 08, 2017 06:37 pm IST

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास का मानना है कि राजकोषीय घाटे का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.2 प्रतिशत का लक्ष्य आशावादी नहीं बल्कि व्यावहारिक है।

राजकोषीय घाटे का 3.2 प्रतिशत लक्ष्‍य है व्‍यावहारिक, राजस्‍व संग्रहण में आएगा सुधार- India TV Hindi
राजकोषीय घाटे का 3.2 प्रतिशत लक्ष्‍य है व्‍यावहारिक, राजस्‍व संग्रहण में आएगा सुधार

नई दिल्‍ली। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास का मानना है कि राजकोषीय घाटे का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.2 प्रतिशत का लक्ष्य आशावादी नहीं बल्कि व्यावहारिक है। इस बात की पूरी संभावना है कि राजस्व प्राप्ति लक्ष्य से अधिक रहेगी, क्‍योंकि बजट में नोटबंदी से हुए अप्रत्याशित लाभ को शामिल नहीं किया गया है।

दास ने कहा कि राजस्व अनुमान से अधिक रहेगा, क्‍योंकि लोग कह रहे हैं कि इसमें आपने रिजर्व बैंक से नोटबंदी की वजह से मिलने वाले अप्रत्याशित लाभ को शामिल नहीं किया है।

  • उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा अगले वित्त वर्ष में उन लोगों से कर संग्रहण किया जाएगा, जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ उठाने में विफल रहेंगे।
  • दास ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में जो अतिरिक्त नकदी आई है, आयकर विभाग ने पहले ही उन आंकड़ों का विश्लेषण किया है।
  • बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खाते हैं जिनमें जमा पूरी तरह बेहिसाबी है और यह लोगों द्वारा जमा किए गए आयकर रिटर्न से मेल नहीं खाती।
  • उन्‍होंने कहा कि यदि ऐसे लोग इस वित्त वर्ष में पीएमजीकेवाई योजना का लाभ नहीं उठाते हैं तो आयकर विभाग अगले साल इन मामलों पर आगे बढ़ेगा और उसे राजस्व मिलेगा।
  • ऐसे में राजस्व अगले साल बेहतर रहेगा।
  • अप्रत्यक्ष कर संग्रहण के मोटे अनुमान के बारे में दास ने कहा कि जीएसटी को पेश किया जाएगा इसलिए इसमें 8.8 प्रतिशत वृद्धि का ही अनुमान लगाया गया है।
  • सरकार का वस्तु एवं सेवा कर को एक जुलाई से लागू करने का इरादा है।
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