नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 22 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.25 अरब डॉलर घटकर 407.81 अरब डॉलर रह गया। मुद्रा भंडार का यह सात महीने का सबसे निचला स्तर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मु्द्रा आस्तियों में गिरावट आने की वजह से देश के ओवरऑल भंडार पर नकारात्मक असर पड़ा है। इससे पहले सप्ताह में मुद्रा भंडार 3.04 अरब डॉलर घटकर 410.07 अरब डॉलर रह गया था।
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13 अप्रैल, 2018 को मुद्रा भंडार ने 426.028 अरब डॉलर का सर्वकालिक उच्च स्तर छुटा था। विदेशी मुद्रा भंडार ने 8 सितंबर 2017 को पहली बार 400 अरब डॉलर के स्तर को पार किया था, तब से इसमें उतार-चढ़ाव जारी है।
समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए), जिनकी ओवरऑल भंडार में प्रमुख हिस्सेदारी है, 2.833 अरब डॉलर घटकर 382.499 अरब डॉलर रह गई। अमेरिकी डॉलर में व्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों पर मुद्रा भंडार में मौजूद गैर-अमेरिकी मुद्राओं जैसे यूरो, पौंड और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी असर होता है।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश का स्वर्ण भंडार 10.29 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 21.331 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ देश का विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) भी इस सप्ताह के दौरान 5 लाख डॉलर की वृद्धि के साथ 1.49 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ देश के भंडार की स्थिति में भी सुधार हुआ है और यह 47.56 करोड़ डॉलर बढ़ने के बाद 2.49 अरब डॉलर हो गया है।