Hopeful of moratorium being lifted this week, says Yes Bank administrator
नई दिल्ली। संकटग्रस्त येस बैंक को उम्मीद है कि उसके कामकाज पर लगी रोक इस शनिवार तक हटा ली जाएगी। आरबीआई द्वारा नियुक्त बैंक के प्रशासक प्रशांत कुमार ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि एसबीआई की अगुवाई वाली पुनर्गठन योजना पर रिजर्व बैंक की अंतिम मंजूरी के बाद येस बैंक के कामकाज पर रोक हटा ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कामकाज पर रोक हटाने का असर पूंजी जुटाने की योजना पर नहीं होगा। कुमार एसबीआई के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी हैं। कुमार ने कहा कि बैंक पूंजी की तलाश जारी रखेगा और उन्होंने इसे जमाकर्ताओं के विश्वास को बहाल करने के साथ ही अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया।
बैंक में 2.09 लाख करोड़ रुपए से अधिक की जमाएं हैं और पूंजी जुटाने में नाकामयाब रहने के चलते गुरुवार को उसके कामकाज पर रोक लगा दी गई थी। बैंक के बोर्ड को निलंबित कर दिया गया और कुमार को प्रशासक नियुक्त किया गया।
सभी सेवाएं बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं
आरबीआई द्वारा नियुक्त येस बैंक के प्रशासक प्रशांत कुमार ने सोमवार को कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के लिए सभी बैंकिंग सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता ग्राहक हैं और अपने ग्राहकों को सुविधाजनक व्यापार मुहैया कराना है, और जैसा कि आपने पहले दिन से देखा होगा, हमारे सभी एटीएम ग्राहकों के लिए चालू हो गए हैं।
हमारी शाखाओं में हमारे कर्मचारी ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं। वे उनके मसलों से निपट रहे हैं। मैं इस अवसर पर अपने सभी ग्राहकों को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने वास्तव में हमारा सहयोग किया, जिन्होंने बहुत अधिक धैर्य का परिचय दिया। और मैं सोचता हूं कि यह येस बैंक के ब्रांड में विश्वास के चलते है।
रिजर्व बैंक ने पांच मार्च 2020 को यस बैंक के बोर्ड को निलंबित कर दिया था और एसबीआई के पूर्व अधिकारी कुमार को उसका प्रशासक नियुक्त किया। इसके साथ ही ग्राहकों के लिए तीन अप्रैल तक अधिकतम निकासी की सीमा 50,000 रुपए तय कर दी गई। कुमार ने भरोसा दिलाया कि सभी बैंकिंग सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए बैंक के कर्मचारी कठिन परिश्रम कर रहे हैं।






































