India's services sector activity returns to growth on surging orders
नई दिल्ली। नए कारोबारी ऑर्डरों से देश की सेवा क्षेत्र की गतिविधियां जुलाई महीने में फिर से तेजी के रास्ते पर लौट आई हैं, जिसके कारण रोजगार सृजन में तेजी आई है। एक मासिक सर्वेक्षण में सोमवार को यह बात कही गई।
कारोबारी ऑर्डर अक्टूबर 2016 के बाद सबसे तेज गति से बढ़े हैं। आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक जुलाई महीने में बढ़कर 53.8 पर पहुंच गया। जून में यह 49.6 पर था। यह उत्पादन में एक वर्ष में सबसे तेज वृद्धि को दर्शाता है।
सूचकांक का 50 से ऊपर रहना विस्तार का संकेत देता है, जबकि 50 से नीचे का सूचकांक संकुचन का संकेतक है। आईएचएस मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री पॉलिएना डी लीमा ने कहा कि पीएमआई के आंकड़े नए कामकाजी ठेकों में वृद्धि से कारोबारी गतिविधियों में मजबूत सुधार का संकेत देते हैं।
सर्वेक्षण प्रतिभागियों ने कारोबारी गतिविधियों में तेजी को बजट, मजबूत मांग और नए ग्राहकों से जुड़ा बताया है। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र को घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र दोनों से नए कारोबारी ऑर्डर मिले हैं। निर्यात से जड़े नए कामकाज में जुलाई में लगातार पांचवे महीने तेजी आई है। इस बीच, आईएचएस मार्किट इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट सूचकांक जुलाई में 53.9 पर पहुंच गया। यह आठ महीने का उच्चतम स्तर है। जून में यह 50.8 पर था।
यह दर्शाता है कि पिछले नवंबर के बाद से नए कारोबारी ऑर्डर की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा मांग स्थितियों में मजबूती और आर्थिक परिदृश्य में तेजी के अनुमानों से पिछले महीने में रोजगार सृजन में वृद्धि दर्ज की गई। यह साल 2011 के शुरुआत के बाद से सबसे मजबूत वृद्धि है।





































