नयी दिल्ली। भारत एक युवा अर्थव्यवस्था है और इसमें काफी क्षमताएं हैं। वैश्विक आर्थिक नरमी के बावजूद इसने उल्लेखनीय मजबूती और लचीलापन दिखाया है। यह बात विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अध्यक्ष बॉर्ज ब्रेनडे बुधवार को कही। ब्रेनडे ने यहां कहा कि दक्षिण एशिया के विकास और वैश्विक आर्थिक वृद्धि को सतत बनाए रखने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है।
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डब्ल्यूईएफ, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ मिलकर भारत आर्थिक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन करता है। डब्ल्यूईएफ राजनीति, कारोबार और समाज के अन्य लोगों के साथ मिलकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक एजेंडा को आकार देने का काम करता है। मंच 33वें भारत आर्थिक सम्मेलन का आयोजन तीन से चार अक्टूबर को दिल्ली में कर रहा है।
ब्रेनडे ने कहा, 'भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह असीम क्षमताओं वाली एक युवा अर्थव्यवस्था है। इसने वैश्विक आर्थिक नरमी के बीच मजबूती और लचीलापन प्रदर्शित किया है।' उन्होंने कहा कि जब सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र की बात होती है तो भारत कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं से भी उन्नत है लेकिन बुनियादी ढांचा क्षेत्र में यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी से देश के वृद्धि की रफ्तार को बनाए रखने के लक्ष्य में को पोषित किया जा सकता है। इसमें सामाजिक समावेश और क्षेत्रीय सहयोग को अच्छा बनाने के साथ आर्थिक और सामाजिक मूल्य गढ़ने की संभावना है।