मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को नए साल का तोहफा दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने 1 जनवरी से अपने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा की है।
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2019 में लोक सभा और राज्य विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को कर्मचारियों का वेतन और संबंधित भत्तों को बढ़ाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के फैसले को मंजूरी दी गई,
सरकार के इस फैसले से लगभग 17 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। इस फैसले से सरकारी खजाने पर 21,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा। अनुमान के मुताबिक, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 4000-5000 रुपए की वृद्धि होगी। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन 5000-8000 रुपए तक बढ़ेगा। वहीं द्वितीय और प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के वेतन में 9000-14000 रुपए तक की वृद्धि होगी।
राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी, 2016 से लागू करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन फरवरी के भुगतान में मिलेगा और पिछले तीन साल के एरियर का भुगतान पांच किस्तों में कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड एकाउंट्स में किया जाएगा। इतना ही नहीं कर्मचारियों को पिछले 14 महीनों के लिए बकाया महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने संशोधित वेतनमान के मद में वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।