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तेल कंपनियों को हर दिन हो रहा ₹1000 करोड़ का नुकसान, हरदीप सिंह पुरी ने दी बड़ी चेतावनी! क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 12, 2026 04:48 pm IST,  Updated : May 12, 2026 04:48 pm IST

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब ₹1000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो एक तिमाही में कंपनियों का नुकसान ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

महंगे कच्चे तेल के बीच...- India TV Hindi
महंगे कच्चे तेल के बीच हरदीप सिंह पुरी की चेतावनी Image Source : ANI/CANVA

पश्चिम एशिया में जारी टेंशन और ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने बड़ा बयान दिया है। एक तरफ जहां सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि हमारे पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी तेल कंपनियों की आर्थिक सेहत को लेकर एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश की गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो तेल कंपनियों का पूरा मुनाफा एक ही झटके में साफ हो सकता है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने खुलासा किया कि सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखी गई हैं। इस वजह से लागत और बिक्री मूल्य का अंतर बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने आगाह किया कि अगर खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं किया गया, तो तेल कंपनियों को एक ही तिमाही में ₹1 लाख करोड़ तक का नुकसान हो सकता है, जो इस पूरे सेक्टर के सालभर के लाभ को खत्म करने के लिए काफी है।

लागत से बहुत कम दाम पर मिल रहा है तेल

हैरानी की बात यह है कि पिछले दो सालों से पेट्रोल और डीजल की दरें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, जबकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, इस समय तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 प्रति लीटर और डीजल पर ₹42 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। इसके अलावा, रसोई गैस (LPG) पर प्रति सिलेंडर ₹674 का नुकसान हो रहा है। पुरी ने सवाल उठाया कि कंपनियां आखिर कब तक लागत से कम कीमत पर ईंधन बेच पाएंगी? हालांकि, जब उनसे कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने फिलहाल कोई भी सीधा कमेंट करने से इनकार कर दिया।

आपूर्ति की चिंता नहीं

राहत की बात यह है कि भारत के पास ईंधन की कोई कमी नहीं है। हरदीप सिंह पुरी ने देश को आश्वस्त किया कि हमारे पास लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार, 60 दिनों का एलएनजी भंडार और 45 दिनों का एलपीजी भंडार सुरक्षित है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद, इंडियन ऑयल (IOC), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) ने बिना किसी रुकावट के सप्लाई जारी रखी है। साथ ही, घरेलू एलपीजी उत्पादन को भी 36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

लॉकडाउन नहीं, ऊर्जा संरक्षण की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री ने कहा कि इसका मतलब कोई लॉकडाउन या राशनिंग नहीं है। यह केवल भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का एक संदेश है। उन्होंने उद्योगों और आम जनता से अपील की कि जहां संभव हो, लोग एलपीजी छोड़कर पीएनजी की ओर बढ़ें, क्योंकि भारत अपने गैस पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है।

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