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नोए़डा अथॉरिटी ने बिल्डिंग के नक्शे पास करने के नियम बदले, जानें क्या हैं अब नए प्रावधान

 Published : Aug 28, 2025 12:51 pm IST,  Updated : Aug 28, 2025 12:51 pm IST

कई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में अथॉरिटी से पास नक्शे से अलग हटकर टावरों का निर्माण किया गया है। कहीं टावरों की ऊंचाई बढ़ाई गई है तो कहीं जो जगह ग्रीन बेल्ट दिखाई गई थी, वहीं टावर खड़े कर दिए गए हैं।

लोगों का कहना है कि कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में नियम के विपरीत टावरों का निर्माण हुआ है। - India TV Hindi
लोगों का कहना है कि कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में नियम के विपरीत टावरों का निर्माण हुआ है। Image Source : IMAGE POSTED ON X BY @NOIDA_AUTHORITY

नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी ने नोएडा में अब ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट में टावर के नक्शे पास करने के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों को सख्ती से पालन भी कराया जा रहा है। अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि नए नियमों में सोसायटी के दो तिहाई लोगों की सहमति बिल्डर को देनी जरूरी है। लाइवहिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक, अधिकारियो का कहना है कि नए बदलाव के तहत पांच मंजिले ऊंचे टावरों के बीच 5 मीटर, 10 मंजिले टावरों के बीच 10 मीटर और 16 मंजिल टावरों के बीच अधिकतम 16 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य कर दिया गया है। 

ट्विन टावर में पाई गई थी ये खामी

खबर के मुताबिक, नोएडा के ट्विन टावर में नियमों का उल्लंघन हुआ था। इसमें टावर नंबर-1 और टावर नंबर 17 के बीच 9 मीटर से भी कम जगह बची थी। अथॉरिटी ने और भी नियम बदले हैं। अथॉरिटी का कहना है कि पहले डेवलपर निवासियों से लेआउट बदलाव की छिपी सहमति रजिस्ट्री बदलाव के समय ही ले लेते थे, जिसमें अब बदलाव कर दिया गया है। इसके लिए एक फॉर्मेट बना दिया है, जिस पर दो तिहाई फ्लैट खरीदारों की सहमति वर्तमान समय में लेनी होगी। 

कई सोसायटी में नियमों की हुई अनदेखी

किस्तों में भुगतान 6 महीने के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह समयसीमा 18 महीने की थी। नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि नक्शा पास करने से पहले सभी नियमों का अच्छी तरह परीक्षण किया जाता है। वैसे लोगों का कहना है कि कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में नियम के विपरीत टावरों का निर्माण हुआ है। अथॉरिटी से पास नक्शे से अलग हटकर टावरों का निर्माण किया गया है। कहीं टावरों की ऊंचाई बढ़ाई गई है तो कहीं जो जगह ग्रीन बेल्ट दिखाई गई थी, वहीं टावर खड़े कर दिए गए हैं या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का निर्माण कर दिया गया है। इन वजहों से फ्लैट में धूप आनी बंद हो गई है।

नोएडा का ट्विन टावर का मामला 

आपको बता दें, नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट सोसाइटी कैम्पस में ट्विन टावर थे। एओए की तरफ से साल 2012 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। साल 2014 के मार्च में हाई कोर्ट ने ट्विन टावर को ढहाने का आदेश दिया था, लेकिन फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां, सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे ढहाने का आदेश दिया जिसके बाद आखिरकार 28 अगस्त 2022 को इस टावर को ध्वस्त कर दिया गया। 

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