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Trump का टैरिफ लागू होने से पहले FII ने मारी पलटी, 2 दिन में निकाले ₹10,000 करोड़, क्या करें निवेशक?

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 02, 2025 05:12 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 05:12 pm IST

आज टैरिफ अनाउंसमेंट के साथ ही रेसिप्रोकल टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी। हालांकि, ट्रंप के अपनी बातों से पलटने के इतिहास को देखते हिए आज के बाद भी कुछ अनिश्चितता बने रहने की संभावना है।

डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : FILE

शेयर बाजार में तेजी शुरू ही हो रही थी कि सबसे बड़े निवेशक वापस जा रहे हैं। मार्च महीने में निफ्टी में 6% की तेजी लाने वाले FII ने पिछले 2 सेशंस में भारी बिकवाली की है। एफआईआई ने 2 दिन में 10,255 करोड़ रुपये को शेयर बेच दिये हैं। एफआईआई की बिकवाली की यह टाइमिंग ऐसी है कि घरेलू निवेशक डरे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज रात ही लिबरेशन डे टैरिफ अनाउसमेंट करने वाले हैं। इससे ठीक पहले एफआईआई की बिकवाली से निवेशक घबराए हुए हैं। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या आप पूरी तरह से तैयार हैं?

पलट गया FIIs का रुख

जियोजित इन्वेस्टमेंट के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ वीके विजयकुमार कहते हैं कि आज टैरिफ अनाउंसमेंट के साथ ही रेसिप्रोकल टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी। हालांकि, ट्रंप के अपनी बातों से पलटने के इतिहास को देखते हिए आज के बाद भी कुछ अनिश्चितता बने रहने की संभावना है। मार्च के आखिर में एफआईआई ने तेजी से खरीदारी की थी। उनकी इस खरीदारी ने शॉर्ट कवरिंग को ट्रिगर किया। लेकिन अब एफआईआई का रुख पलट गया है और उन्होंने शॉर्टिंग फिर से शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, 'निवेशक टैरिफ और मार्केट ट्रेंड को लेकर स्पष्टता आने का इंतजार कर सकते हैं। अगर टैरिफ उम्मीद से भी बदतर रहता है, तो बिकवाली का एक और दौर देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में भी घरेलू कंजंप्शन ड्रिवन सेक्टर्स लचीले बने रहेंगे।'

FIIs को किस बात का है डर?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत अमेरिकी टैरिफ से बच नहीं सकता। भले ही यह कम हो या सेक्टोरल टैरिफ लागू हों। सबकी नजर इस बात पर है कि भारत के साथ क्या होने वाला है। टैरिफ से ज्यादा 2 दूसरे फैक्टर्स मायने रखते हैं। क्या हमें ग्लोबल रिस्क-ऑफ इवेंट मिल सकता है और यह डॉलर को कैसे प्रभावित करेगा। अगर अमेरिकी शेयरों को नुकसान होता है, तो भारत सहित ग्लोबल शेयर बाजारों को भी नुकसान होगा। 

क्या करें निवेशक?

कुछ एक्सपर्ट्स इस उथल-पुथल को शॉर्ट टर्म पेन समझते हैं और इसे मध्यम अवधि में फायदे के रूप में देखते हैं। वे निवेशकों को अगले 6 महीनों में चरणबद्ध निवेश दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समय सेक्टर्स या शेयरों को  चुनना गिरते हुए चाकू को पकड़ने जैसा होगा।

(Disclaimer: यह न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)

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